Buxar News: सोन नहर विभाग ने मांगा एकरारनामे का कागज, नहीं दे पा रहा नगर परिषद

जिले में सोन नहर विभाग के जमीन पर अवैध रूप से भू माफियाओं के साथ- साथ नगर परिषद भी अवैध रूप से कब्जा कर 104 कटरा बना लिया है

बक्सर

. जिले में सोन नहर विभाग के जमीन पर अवैध रूप से भू माफियाओं के साथ- साथ नगर परिषद भी अवैध रूप से कब्जा कर 104 कटरा बना लिया है. जिसके किराये को लेकर दोनों विभागों के बीच मनमुटाव है. जिसको लेकर लगभग तीन माह पहले जनवरी माह में अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया गया़

मगर तब नगर परिषद ने दावा किया कि बनाए गए 104 कटरा अवैध और अतिक्रमण नहीं है . लिहाजा सोन नहर विभाग के द्वारा 24 जनवरी 2025 को नगर परिषद को पत्र लिखा और पत्र के माध्यम से नगर परिषद से कहा गया कि अवर प्रमंडल पदाधिकारी जल संसाधन विभाग के भूमि पर बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए सोन नहर विभाग के जमीन पर अवैध रूप से विभागीय भूमि को कब्जा कर 104 कटरा बनाकर राजस्व वसूली किया जा रहा है. जो कि नियम संगत नहीं है. इसके अलावा भी यदि कटरा मालिक से आपके द्वारा एकरारनामा किया गया हो तो उसकी सूची उपलब्ध कराने की मांग की गयी. इस पत्र के माध्यम से नगर परिषद बक्सर के द्वारा विभागीय भूमि पर अवैध रूप से बनाया गए कटरों को तीन माह के अंदर खाली करवाने का आग्रह किया गया था.

लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी न तो नगर परिषद के द्वारा एकरारनामा उपलब्ध कराया गया है न ही दुकान खाली कराया गया है.

बिना एनओसी के शहर में बनाये जा रहे कटरा व सरकारी भवन : शहर में सोन नहर की जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में केवल भूमाफिया ही नहीं सरकारी तंत्र भी शामिल हैं. बिना एनओसी लिये नगर परिषद ने शहर के पॉस इलाका ज्योति चौक पर नियमों की अवहेलना कर एक तरफ जहां 104 कटरा का निर्माण करा लिया है. सोन नहर विभाग की माने तो शहर के कुल 1019 जगहों पर सरकारी तंत्र और भूमाफियाओं ने जल संसाधन विकास विभाग की जमीन बिना एनओसी के अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है. वही दूसरी उसकी जमीन पर सरकारी अधिकारी का आवास तो कहीं सरकारी कार्यालय भी बना लिये जाने का मामला प्रकाश में आया है. इसके अलावा कई जगहों पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर ईंट, बालू, गिट्टी का कारोबार कर रहे हैं. जिसे लेकर सोन नहर विभाग ने सदर सीओ को पत्र लिखा है. जिसमें जिक्र किया गया है कि विभाग से बिना एनओसी लिये ही कहीं सरकारी अधिकारी का आवास तो कहीं कार्यालय तक बना लिया गया है. नाम नहीं छापने की शर्त पर सोन नहर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब प्रशासनिक अधिकारी ही सरकारी आवास बिना एनओसी लिये बनवा लिया है तो बाकी लोगों का क्या कहना. जबकि सोन नहर प्रमंडल विभाग से बार बार अतिक्रमण हटाने की मांग की जा रही है लेकिन सदर सीओ और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी के कान में जू तक नहीं रेगता है. लिहाजा सोन नहर की खाली पड़ी जमीन पर न सिर्फ दुकानदारों बल्कि नगर परिषद्, सदर अवर प्रमंडल पदाधिकारी का निवास , पीएचइडी विभाग का कार्यालय से लेकर न जाने कितने सरकारी आवास, कार्यालय यहीं नहीं स्कूल और कॉलेज तक बनवा लिया गया है.

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