Buxar News : चौसा प्रखंड अंतर्गत श्मशान घाट के विकास का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है. सांसद सुधाकर सिंह की पहल तथा जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त के निर्देश पर सोमवार को अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर भूमि संबंधी विवाद का समाधान कर दिया. निरीक्षण के दौरान चौसा बीडीओ मनोज पासवान, अंचल पदाधिकारी विजय प्रकाश, पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज कुमार यादव, बीडीसी बबन यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
अधिकारियों ने भूमि दस्तावेजों की जांच कर स्थिति का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्मशान घाट से संबंधित भूमि के दस्तावेजों की जांच की और मौके की स्थिति का जायजा लिया. अब निरीक्षण से संबंधित रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी. बताया जाता है कि भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं होने और मापी नहीं होने के कारण लंबे समय से श्मशान घाट का विकास कार्य अटका हुआ था.
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दिशा की बैठक में भी उठाया गया था मुद्दा
श्मशान घाट के विकास का मुद्दा हाल ही में आयोजित दिशा की बैठक में पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज कुमार यादव और चेयरमैन किरण देवी ने भी उठाया था. उन्होंने बताया था कि चौसा घाट पर कैमूर, रोहतास समेत सैकड़ों गांवों से लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं. इसके बावजूद यहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है.
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जिला परिषद और गंग बरार की भूमि होने की हुई पुष्टि
अधिकारियों की जांच में स्पष्ट हुआ कि श्मशान घाट की जमीन में जिला परिषद और गंग बरार की भूमि शामिल है. भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब जल्द ही इसकी मापी कराये जाने की तैयारी है. मापी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विकास कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता और स्पष्ट हो जाएगा.
छह शवदाह शेड समेत मिलेंगी कई सुविधाएं
आरएंडआर योजना के तहत चौसा श्मशान घाट में छह शवदाह शेड, सामुदायिक भवन, हैंडपंप, प्याऊ और लाइट की व्यवस्था की जानी है. भूमि विवाद समाप्त होने के बाद अब इन सुविधाओं के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रस्तावित सुविधाएं जल्द धरातल पर उतरेंगी और अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी.
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