Buxar News : इस्कॉन मंदिर, पड़री के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ. महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दिव्य रथ का दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया. हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जय श्री जगन्नाथ के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया.
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ महोत्सव का शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ पूज्य गंगापुत्र श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज और बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया. इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य महाआरती हुई. श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की.
रथ यात्रा ने दिया प्रेम, सेवा और समरसता का संदेश
अपने आशीर्वचन में त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, समरसता और विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाला महापर्व है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया.
नगर के प्रमुख मार्गों से निकली भव्य शोभायात्रा
भव्य रथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया. यात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन, मृदंग, झांझ और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय और महाप्रसाद की व्यवस्था भी की गई.
कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
महोत्सव में इस्कॉन क्षेत्र प्रमुख श्री कृष्ण कृपा दास, इस्कॉन मंदिर पड़री के प्रबंधक राजा गोविंद दास, इस्कॉन नोएडा से पधारे स्वामी कन्हाई दास, भाजपा जिलाध्यक्ष भुवन सिंह, राजद जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह यादव, चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिलाध्यक्ष सत्यदेव, नंदजी जायसवाल, रोहतास गोयल, बबन सिंह, सुरेश राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. आयोजन संयोजक एवं इस्कॉन प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य डॉ. रमेश कुमार ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया.
महाप्रसाद के साथ हुआ महोत्सव का समापन
रथ यात्रा का समापन गोयल धर्मशाला में महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ. इस्कॉन परिवार ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले संतों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, मीडिया, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ रथ यात्रा भारतीय संस्कृति की लोकमंगल परंपरा का प्रतीक है, जो समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देती है.
