Buxar Sawan Shivratri: सावन मास की शिवरात्रि पर धर्म नगरी बक्सर समेत जिले भर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भक्त तड़के से ही शिवालयों में पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन करने लगे. पूजा-अर्चना के दौरान मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन की शिवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है. ज्योतिषाचार्य पं. रमेश चौबे उपाख्य मुन्ना बाबा ने बताया कि इस दिन उपासना करने वाले भक्तों पर बाबा भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है. पूरी निष्ठा और भक्ति भाव से जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं. भगवान शिव की उपासना के लिए शिवरात्रि को विशेष फलदायी माना जाता है.
श्रद्धालुओं ने रखा व्रत
भोले बाबा के भक्तों ने शिवरात्रि को लेकर निर्जला या फलाहार व्रत रखा. सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, गन्ने के रस और शहद आदि से शिवलिंग का जलाभिषेक किया.
वैदिक विधि और मंत्रोच्चार के बीच चंदन, पुष्प, धूप, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र और सफेद फूल अर्पित किये गये. श्रद्धालुओं ने ॐ नमः शिवाय का जाप और शिव स्तोत्रों का पाठ किया. इसके बाद शाम को आरती कर प्रसाद ग्रहण करने के बाद उपवास व्रत तोड़ा.
प्रमुख शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़
सावन शिवरात्रि के अवसर पर ब्रह्मपुर धाम स्थित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर और त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के हाथों शहर के रामरेखाघाट पर स्थापित श्री रामेश्वर नाथ मंदिर में सबसे अधिक भीड़ जुटी.
ब्रह्मा जी द्वारा स्थापित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ शिवलिंग मनोकामना महादेव के रूप में विख्यात है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर दर्शन-पूजन किया. चरित्रवन स्थित आदिनाथ अखाड़ा के श्रीनाथ बाबा मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा. इसके अलावा शहर के सोहनीपट्टी स्थित गौरीशंकर मंदिर, संगमेश्वर नाथ मंदिर, चरित्रवन स्थित चैत्ररथ शिव मंदिर, पंचमुखी शिव मंदिर, पातालेश्वर मंदिर और सिद्धनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही.
डुमरांव और इटाढ़ी में भी भक्तों का सैलाब
डुमरांव के बाबा जंगलीनाथ मंदिर और विनोबा वन स्थित कंचनेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया. वहीं इटाढ़ी प्रखंड के कवड़ेसर स्थित सोखा धाम में बिहार के इकलौते वीरभद्र सोखा बाबा मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा और पूरा क्षेत्र भक्ति एवं आस्था के माहौल में डूबा रहा.
