डुमरांव से सुजीत कुमार ओझा की रिपोर्ट :
Buxar News : पुराना भोजपुर में शनिवार दोपहर जमीन की मापी के दौरान हुए हिंसक विवाद में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. पुलिस ने दोनों पक्षों के दो-दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस खूनी संघर्ष को लेकर दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ कुल 44 नामजद एवं अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. घटना के बाद से इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है.
दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई FIR, 4 आरोपी भेजे गए जेल
थाने से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया है. एक पक्ष के अजय यादव ने 28 लोगों को नामजद करते हुए मामला दर्ज कराया है, जबकि दूसरे पक्ष के रामाकांत राम ने 16 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की. पुलिस ने एक पक्ष के पिंटू राम और रामाकांत राम तथा दूसरे पक्ष के दिलवर यादव और अमीर यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. गिरफ्तार सभी आरोपी पुराना भोजपुर के ही निवासी हैं.
अमीन कर रहे थे जमीन की मापी, तभी भड़क उठी हिंसा
जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच विवादित जमीन के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था. इस विवाद के स्थाई समाधान के लिए अंचल कार्यालय द्वारा सरकारी अमीन की नियुक्ति की गई थी. शनिवार को अमीन की मौजूदगी में जमीन की मापी कराई जा रही थी. इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लाठी-डंडे और मारपीट में बदल गई.
झड़प में कई लोग घायल, मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष
इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया. घटना की सूचना मिलते ही नया भोजपुर थाना के थानाध्यक्ष चंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. इलाके में दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है.
बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी शांति व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
