Buxar News : पिछले कई दिनों से उफान मार रही गंगा नदी के जलस्तर में सोमवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला. 59.59 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब गंगा का पानी लगातार घटने लगा है. जलस्तर में कमी से गंगा और सहायक नदियों के तटवर्ती इलाकों में राहत की उम्मीद जगी है. हालांकि नदी अभी भी 59.32 मीटर के निर्धारित चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है, इसलिए बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है.
59.59 मीटर के शिखर के बाद उतरने लगी गंगा
केंद्रीय जल आयोग के बुलेटिन के अनुसार सोमवार सुबह 8 बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.57 मीटर दर्ज किया गया. इससे पहले करीब पांच घंटे तक जलस्तर घटने की रफ्तार बेहद धीमी रही और हर दो घंटे में करीब एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई. इसके बाद पानी घटने की रफ्तार तेज हुई.
शाम 5 बजे गंगा का जलस्तर घटकर 59.48 मीटर पर पहुंच गया. यह चेतावनी बिंदु से 17 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि 60.32 मीटर के खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर नीचे है.
हर घंटे एक सेंटीमीटर घट रहा पानी
फिलहाल गंगा का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे जा रहा है. लगातार घटते जलस्तर को देखते हुए दियारा और तटवर्ती इलाकों में जमा पानी के भी धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है.
लाल निशान से नीचे आई गंगा, फिर भी प्रशासन अलर्ट
बक्सर में गंगा का खतरे का स्तर 60.32 मीटर निर्धारित है. नदी 59.59 मीटर के उच्चतम स्तर तक पहुंचने के बाद अब उससे नीचे आ चुकी है. इससे लोगों को बड़ी राहत मिली है. हालांकि चेतावनी स्तर से ऊपर पानी रहने के कारण प्रशासन अभी कोई जोखिम नहीं लेना चाहता.
बांधों और संवेदनशील स्परों की लगातार निगरानी की जा रही है. प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने और किसी भी बदलाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
