प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों धान की सोहनी का काम कुछ जगहों पर शुरू हो गया है. सुबह और शाम किसान खेतों में निराई-गुड़ाई के साथ खाद देने में जुटे हैं. बारिश के बाद खेतों में धान की फसल लहलहा रही है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है.
बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी
किसान दयाशंकर तिवारी, वीरेंद्र सिंह मौर्य, सुरेंद्र सिंह और भिखारी सिंह ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से धान की फसल को काफी फायदा हुआ है. बारिश के बाद इस बार धान की खेती बेहतर होने की उम्मीद बढ़ी है. किसानों के अनुसार, रोपनी के समय मौसम और पानी को लेकर काफी परेशानी हुई थी, लेकिन बाद में हुई बारिश से फसल को अच्छी नमी मिली.
खेतों में शुरू हुई धान की सोहनी
बारिश के बाद अब कई जगहों पर धान की सोहनी का काम शुरू हो गया है. किसान खेतों में पहुंचकर खरपतवार हटाने, निराई-गुड़ाई और खाद देने का काम कर रहे हैं. खेतों में तेजी से बढ़ रही धान की फसल को देखकर किसानों को इस साल बेहतर पैदावार की उम्मीद है.
नीलगायों के झुंड ने बढ़ायी किसानों की चिंता
धान की अच्छी फसल के बीच किसानों के सामने नीलगाय बड़ी समस्या बनकर सामने आयी है. किसानों का कहना है कि नीलगायों का झुंड खेतों में घुसकर धान की फसल को बर्बाद कर रहा है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों ने नीलगायों से फसल बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की है.
धान की फसल की स्थिति बेहतर, खाद की कमी नहीं
कृषि समन्वयक राजीव रंजन ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के सभी हिस्सों में धान की फसल की स्थिति बेहतर है. खेतों में फसल अच्छी स्थिति में है और किसानों को फिलहाल किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में फर्टिलाइजर की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है और खाद की किसी तरह की कमी नहीं है.
बेहतर पैदावार की उम्मीद में किसान
बारिश के बाद धान की फसल की स्थिति बेहतर होने से किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं. किसान अब फसल की नियमित देखभाल में जुटे हैं. हालांकि नीलगायों से फसल को हो रहे नुकसान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. यदि फसल को नुकसान से बचाया जा सका, तो इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद की जा रही है.
