Buxar News : सावन मास की दूसरी सोमवारी पर सोमवार को शहर समेत जिलेभर के प्रमुख शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. तड़के से ही शिव भक्त मंदिरों में पहुंचने लगे और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर दर्शन-पूजन किया. मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से शिवालयों का वातावरण भक्तिमय बना रहा. मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं.
सोमवारी पर जलाभिषेक का विशेष महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन की सोमवारी का विशेष आध्यात्मिक महत्व है. ज्योतिषाचार्य पं. रमेश चौबे उपाख्य मुन्ना बाबा ने बताया कि सावन की सोमवारी पर भगवान शिव की उपासना करने वाले भक्तों पर बाबा भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है. श्रद्धा और निष्ठा के साथ जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है. उन्होंने कहा कि सोमवार को भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है.
निर्जला और फलाहार व्रत रखकर की पूजा
सोमवारी को लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने निर्जला या फलाहार व्रत रखा. भक्तों ने सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण किये और मंदिरों में पहुंचकर वैदिक विधि से पूजा-अर्चना की. गंगाजल, दूध, दही, गन्ने के रस और शहद से शिवलिंग का अभिषेक किया गया. इसके बाद चंदन, पुष्प, धूप, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र और सफेद फूल अर्पित कर ॐ नमः शिवाय का जाप एवं शिव स्तोत्रों का पाठ किया गया. शाम को आरती के बाद प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालुओं ने अपना व्रत खोला.
ब्रह्मपुर धाम में तड़के से उमड़ी भीड़
ब्रह्मपुर धाम स्थित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली. सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ के शिवलिंग को मनोकामना महादेव के रूप में भी जाना जाता है. श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की.
रामरेखाघाट के रामेश्वर नाथ मंदिर में भी जुटे भक्त
शहर के रामरेखाघाट पर त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के हाथों स्थापित माने जाने वाले श्री रामेश्वर नाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही. भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना की पूर्ति के लिए पूजा की.
शहर के कई शिवालयों में लगा भक्तों का तांता
चरित्रवन स्थित आदिनाथ अखाड़ा के श्री नाथ बाबा मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. इसके अलावा सोहनीपट्टी स्थित गौरीशंकर मंदिर, संगमेश्वर नाथ मंदिर, चरित्रवन स्थित चैत्ररथ शिव मंदिर, पंचमुखी शिव मंदिर, पातालेश्वर मंदिर और सिद्धनाथ मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा.
डुमरांव और इटाढ़ी में भी भक्तों ने किया जलाभिषेक
डुमरांव के बाबा जंगलीनाथ मंदिर और विनोबा वन स्थित कंचनेश्वरनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया. वहीं इटाढ़ी प्रखंड के कवड़ेसर स्थित सोखा धाम में बिहार के इकलौते वीरभद्र सोखा बाबा मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही मंदिर परिसर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा.
