बक्सर में जर्जर ब्रिटिशकालीन पुल पर मंडरा रहा हादसे का खतरा, भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों में आक्रोश

Buxar News : राजपुर प्रखंड का ब्रिटिशकालीन पुल अत्यंत जर्जर हो चुका है, जिस पर गहरी दरारें पड़ गई हैं और जलभराव के कारण यह धंस रहा है. स्थानीय ग्रामीण भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना के खतरे को लेकर चिंतित हैं और तत्काल नए पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं.

Buxar News : राजपुर प्रखंड के जमौली-रामपुर नहर पर उतड़ी गांव के पास स्थित ब्रिटिशकालीन पुल इन दिनों बेहद जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है. पुल के बीचों-बीच गहरी दरार पड़ गई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है. बरसात के मौसम में लगातार जलभराव के कारण पुल का एक हिस्सा नीचे की ओर धंसने लगा है. इससे पुल से गुजरने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों की जान जोखिम में है.

चेतावनी बोर्ड और बैरियर लगाकर विभाग ने निभाई औपचारिकता

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक वर्ष से नहर विभाग ने इस खतरनाक पुल के पास केवल एक चेतावनी बोर्ड और लोहे का बैरियर लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है. इसके बावजूद सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए उत्तर प्रदेश से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले ईंट लदे दर्जनों भारी ट्रैक्टर प्रतिदिन इसी जर्जर पुल से होकर गुजर रहे हैं.

भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ रहा पुल पर दबाव

ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही बेहद खतरनाक है. विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण किसी भी दिन पुल पूरी तरह ध्वस्त होने की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है.

जर्जर पुल की तस्वीर

ग्रामीणों ने की नए पुल के निर्माण की मांग

ग्रामीण देवराज सिंह, रामाकांत राय, गिरजा सिंह, प्रेम राय, भुवनेश्वर सिंह, शम्भु प्रजापति, शम्भु शरण सिंह और मोहन राय सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से अविलंब नए पुल के निर्माण की मांग की है. ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल ब्रिटिशकाल का है और लंबे समय से जर्जर स्थिति में है.

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पुल ध्वस्त हुआ तो कई गांवों का संपर्क हो जाएगा प्रभावित

ग्रामीणों ने बताया कि यदि यह पुल ध्वस्त हो जाता है, तो आसपास के गांवों के साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट सकता है. इससे किसानों की खेती-बाड़ी और लोगों का आवागमन भी प्रभावित होगा. ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है.

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स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

जर्जर पुल को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला और नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे.

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By पंकज कुमार कमल

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