Buxar News : बक्सर प्रखंड के मध्य विद्यालय गरहथा कला में शैक्षणिक व्यवस्था की बदहाली और शिक्षकों की कथित मनमानी के खिलाफ छात्रों का आक्रोश शनिवार को सामने आया. विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने 19 अगस्त को शिक्षा विभाग को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी. छात्रों का आरोप है कि दो दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी. इससे नाराज छात्रों ने शनिवार को विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
छात्रों ने लगाया पढ़ाई की जगह मोबाइल और पैर दबवाने का आरोप
छात्रों ने विद्यालय के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कक्षा में पढ़ाई कराने के बजाय शिक्षक मोबाइल चलाने में व्यस्त रहते हैं. छात्रों का आरोप है कि कुछ शिक्षक उनसे पैर दबवाते हैं. छात्रों ने इसे अनुचित और अमानवीय व्यवहार बताते हुए 19 अगस्त को लिखित शिकायत की थी. आरोप है कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की गयी, जिसके बाद छात्रों ने स्कूल में तालाबंदी का कदम उठाया.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गरहथा कला विद्यालय में छात्रों के विरोध ने प्रखंड की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. छात्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालयों की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण शिक्षकों की मनमानी बढ़ रही है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का पद रिक्त होने के कारण चक्की प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी को ब्रह्मपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. दोहरी जिम्मेदारी के कारण स्कूलों की नियमित निगरानी प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है.
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बीआरसी की कार्यप्रणाली पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रखंड संसाधन केंद्र यानी बीआरसी कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि कार्यालय में कुछ बाहरी लोगों का प्रभाव है और वे विभागीय कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं. स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया है कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ जांच, कार्रवाई या स्पष्टीकरण जैसी प्रक्रिया में कथित रूप से इन लोगों की भूमिका रहती है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
बीईओ ने आरोपों को बताया गलत
मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ब्रह्मपुर जीतेंद्र कुमार ने कहा कि सभी स्कूलों की नियमित जांच की जाती है और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाती है. उन्होंने बीआरसी कार्यालय पर कथित बाहरी लोगों के कब्जे और जातिगत हस्तक्षेप के आरोपों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर स्कूलों की व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाती है.
कार्रवाई और जांच पर टिकी नजर
विद्यालय में छात्रों की तालाबंदी और शिक्षकों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर है. छात्रों की शिकायत, विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षकों के व्यवहार से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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