Buxar News (संतोष कांत): बिहार में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र का है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग 922 स्थित गरहथा पुल पर सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया. ट्रैक्टर लदे एक अनियंत्रित वाहन और तेज रफ्तार स्कार्पियो (निबंधन संख्या- HR 26 BY 3817) के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई. इस भीषण दुर्घटना में स्कार्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सात लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए. सभी घायल भोजपुर जिले के बिहिया थाना अंतर्गत मझउआ गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी कार्य से लौट रहे थे.
चीख-पुकार सुन दौड़े होटल संचालक, मसीहा बने स्थानीय लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब 3:00 बजे का है. सुबह के सन्नाटे में दोनों वाहनों के बीच टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी गूंज दूर तक सुनाई दी. टक्कर की आवाज सुनते ही गरहथा पुल के समीप स्थित लाइन होटलों के संचालक, कर्मी और स्थानीय ग्रामीण बिना एक पल गंवाए घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े. घटना स्थल पर चीख-पुकार मची हुई थी और स्कार्पियो की बॉडी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. जिसके कारण सभी सवार सातों लोग अंदर लहूलुहान स्थिति में फंसे हुए थे.
सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भिजवाया
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया. करीब एक घंटे की भारी मशक्कत और स्कार्पियो के दरवाजों व हिस्सों को कटर व रॉड के सहारे तोड़ने के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला जा सका. ग्रामीणों ने निजी वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (आरा/पटना) रेफर कर दिया गया.
थानाध्यक्ष ने कहा- ‘नहीं हुई कोई घटना’
एक तरफ जहां आम नागरिक और होटल कर्मी करीब एक घंटे तक अंधेरे में जान दांव पर लगाकर राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय ब्रह्मपुर थाने की पुलिस इस बड़े हादसे से पूरी तरह बेखबर रही. हद तो तब हो गई जब सुबह इस संबंध में मीडियाकर्मियों द्वारा ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष से जानकारी मांगी गई. थानाध्यक्ष ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए साफ तौर पर कह दिया कि “क्षेत्र में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और न ही कोई दुर्घटना दर्ज की गई है.
सोशल मीडिया और घटना स्थल के साक्ष्य खोल रहे पुलिस की पोल
थानाध्यक्ष का यह बयान हैरान करने वाला है, क्योंकि घटना स्थल की तस्वीरें पुलिसिया दावों को पूरी तरह खारिज कर रही हैं. गरहथा पुल पर दुर्घटनाग्रस्त स्कार्पियो के बिखरे हुए पार्ट्स, टूटे हुए शीशे, घायलों के छूटे हुए जूते और सड़क पर जमा गाढ़ा खून चीख-चीख कर हादसे की भयावहता बयां कर रहे हैं.
इसके अलावा, सुबह होते-होते स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए हादसे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी की क्या हालत हुई है और लोग किस तरह घायलों की मदद कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और साक्ष्य सामने आने के बाद अब स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और गश्त (पेट्रोलिंग) पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर आम जनता मुस्तैदी न दिखाती, तो समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोगों की जान जा सकती थी.
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