Bihar News: बक्सर के किला मैदान के समीप स्थित दलित बस्ती में दो मासूम बच्चों के लापता होने से इलाके में हड़कंप मच गया है. पिछले आठ दिनों से बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार की खुशहाल जिंदगी मानो एक झटके में मातम में बदल गई है. मां की आंखों से आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे हैं, जबकि हर गुजरता दिन उम्मीद और डर के बीच बीत रहा है.
जानकारी के मुताबिक, लापता बच्चों में विकाश कुमार (6 वर्ष) और शीतल कुमारी (13 वर्ष) शामिल हैं. दोनों बच्चे 12 जनवरी की शाम किसी बात पर नाराज होकर घर से निकले थे, लेकिन फिर वापस नहीं लौटे. रात भर इंतजार के बाद जब बच्चों का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की. रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित जगहों पर तलाश के बावजूद बच्चों का कहीं कोई सुराग नहीं मिला.
परिजन हर दिन अधिकारियों से लगा रहे गुहार
बच्चों के पिता आकाश डोम ने नगर थाना में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है. परिजनों का आरोप है कि FIR दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ओर से खोजबीन में तेजी नहीं दिखाई जा रही है. इसी वजह से परिवार में नाराज़गी और बेबसी दोनों बढ़ती जा रही है. हर दिन थाने के चक्कर लगाना, अधिकारियों से गुहार लगाना अब उनकी दिनचर्या बन चुकी है.
पूरी तरह टूट चुकी है बच्चों की मां
सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति बच्चों की मां की है. बच्चों के गायब होने के बाद से वह पूरी तरह टूट चुकी है. कभी जमीन पर बैठकर रोती नजर आती है तो कभी थाने के दरवाजे पर फरियाद करती दिख जाती है. मां का कहना है, “मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है. कोई हमारे जिगर के टुकड़ों को ढूंढ़कर हमारे सामने ला दे. हम गरीब हैं, गरीबों की कोई सुनता ही नहीं. न पुलिस सुन रही है और न कोई जनप्रतिनिधि. हम पूरी तरह से थक-हारकर बेसहारा हो गए हैं.”
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद बस्ती में दहशत का माहौल है. लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो गई हो. परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस से बच्चों की जल्द से जल्द तलाश के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है. साथ ही आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन या परिवार को सूचित करें.
