Buxar News: मोदी व नीतीश सरकार को हराने के लिए हों एकजुट : राजीव

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) का तीन दिवसीय 23वां राज्य सम्मेलन बक्सर के नगर भवन में प्रारम्भ हुआ.

बक्सर

. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) का तीन दिवसीय 23वां राज्य सम्मेलन बक्सर के नगर भवन में प्रारम्भ हुआ. सम्मेलन के पूर्व राज्य भर से सम्मेलन में आये हुए प्रतिनिधियों, प्रेक्षकों और कर्मचारियों-शिक्षकों का जुलुश निकाला गया. शहर भ्रमण के बाद झंडोतोलन एवं शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया. महासंघ(गोप गुट) के महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा एवं राज्य सचिव लवकुश सिंह ने बताया कि शुक्रवार को नगर भवन से 11 बजे सैकड़ों कर्मचारी – शिक्षकों ने अपने झंडा बैनर के साथ बक्सर शहर के प्रमुख मार्गोँ पर अपनी मांगों यथा- पुरानी पेंशन बहाल करो, संविदा – आउटसोर्स -दैनिक- मौसमी कर्मचारियों की सेवा स्थायी करो के नारे के साथ भ्रमण किया. भ्रमण के पश्चात महासंघ के झंडा का झंडोतोलन किया गया तथा शहीद वेदी पर पुष्पांजलि के पश्चात्त अतिथियों का अंग वस्त्र तथा पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया. उसके बाद ऐक्टू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव डिमरी द्वारा खुले सत्र का उद्घाटन किया गया. खुला सत्र के उद्घाटन के अवसर पर राजीव डिमरी ने अधिकार- सामाजिक सुरक्षा व सम्मान-समानता सहित कंपनी राज के चंगुल से देश को बचाने, पुरानी पेंशन बहाल करने, संविदा -आउटसोर्स- दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की सेवा नियमित करने, श्रमिकों के कठिन परिश्रम से अर्जित 44 श्रम अधिकार के कानूनों को समाप्त करके लाये गए श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं और नए आपराधिक कानूनों को वापस लेने, स्थायी नौकरियों और सम्मानजनक वेतन हासिल करने और घृणा से भरे मोदी – नीतीश शासन को निर्णायक रूप से हराने के लिए एकजुट हो जाने का आह्वान किया. उन्होंने ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के द्वारा 20 मई, 25 को प्रस्तावित अखिल भारतीय हड़ताल को बिहार में जोरदार ढंग से सफल बनाने का आह्वान किया. इस राज्य सम्मेलन को माले के आरा भोजपुर सांसद सुदामा प्रसाद ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी कर्मचारी शिक्षक को केंद्र-राज्य की मेहनतकश मजदूर विरोधी साम्प्रदायिक-फासीवादी सत्ता को सबक सिखाने के व्यापक रूप से एकजुट होना होगा और निर्णायक आंदोलन के लिए तैयार होना होगा. तभी केंद्र व राज्य सरकार आपकी हकों को देगी. राज्य सम्मेलन को माले विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह, स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव व भाकपा (माले) की एमएलसी शशि यादव, धीरेन्द्र झा, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा, आरएन ठाकुर, महासचिव, ऐक्टू, बिहार आदि नेताओं ने प्रमुख रूप से संबोधित किया.वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों के लिए संघर्षरत स्कीम वर्कर्स, सेवा के नियमितीकरण के अधिकार के लिए संघर्ष का नेतृत्व करने वाले सफाई, संविदा-ठीका व आउटसोर्स कर्मचारी, नौकरियों के ठेकाकरण और एनपीएस -यूपीएस को ओपीएस के लिए संघर्ष का नेतृत्व करने, समान काम- समान वेतन, नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी के लिए संघर्ष तेज करना होगा. वक्ताओं ने महासंघ (गोप गुट) के आंदोलन और जीतों की शानदार विरासत को और आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया. खुला सत्र की समाप्ति के पश्चात प्रतिनिधि सत्र आरम्भ हुआ जो 12 अप्रैल तक चलेगा. इस सत्र में मोदी राज में छीने गए 44 श्रम कानूनों की वापसी, निरस्त कृषि बिलों को कृषि उत्पाद विपणन नीति के सहारे चोर दरवाजे से लागू करने के प्रयासों, साम्प्रदायिक-फासीवादी घृणा व नफरती कारपोरेट -कम्पनी राज व निजीकरण की समाप्ति, पुरानी पेंशन बहाली, ठीका -मानदेय- आउटसोर्स पर रोक एवं सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, स्कीम वर्कर को गुलामों की तरह खटाने पर रोक एवं सरकारी कर्मी का दर्जा तथा ओपीएस -ग्रेच्युटी-समान काम- समान वेतन लागू करने जैसे विषय पर व्यापक चर्चा जारी है.

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