Buxar News : पैक्स बैंक में दो करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप, प्राथमिकी दर्ज

नया भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित भोजपुर जदीद पैक्स (कोऑपरेटिव बैंक) से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है.

डुमरांव. नया भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित भोजपुर जदीद पैक्स (कोऑपरेटिव बैंक) से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है. सैकड़ों खाताधारकों ने अपनी जीवन भर की जमा राशि के गबन का आरोप लगाते हुए नया भोजपुर थाना में लिखित आवेदन दिया है. पीड़ितों ने लगभग दो करोड़ रुपये की हानि का दावा करते हुए चार लोगों को नामजद आरोपी बताया है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सहकारिता विभाग ने तुरंत जांच शुरू की है. सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिये हैं और जिला सहकारिता पदाधिकारी को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. साथ ही संयुक्त निबंधक (सहयोग समितियां), पटना प्रमंडल संतोष कुमार झा ने छह जनवरी को जिला स्तर पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं. घोटाले की शिकायत मिलने के बाद पैक्स बैंक के प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है और जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना जतायी जा रही है. मामले ने स्थानीय स्तर पर सहकारिता व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठाये हैं.

परिपक्व जमा निकालने पहुंचे तो लटका मिला ताला

पीड़ित खाताधारकों की ओर से आवेदन देने वाले विकास कुमार (पिता-विनोद सिंह) ने बताया कि वे और उनके साथ दर्जनों लोग भोजपुर जदीद पैक्स के नियमित खाताधारक हैं. वर्षों से उन्होंने यहां बचत खाता, आरडी और एफडी के माध्यम से पैसा जमा किया. वर्ष 2023 में जब उनकी जमा राशि परिपक्व हुई और वे भुगतान लेने बैंक पहुंचे, तो केवल आश्वासन और टालमटोल ही हाथ लगी. कभी ”आज नहीं, कल आइए” तो कभी ”अगले सप्ताह भुगतान होगा” कहकर उन्हें लौटाया जाता रहा. कुछ समय बाद जब खाताधारक दोबारा बैंक पहुंचे, तो शाखा पर ताला लटका मिला.

पहले भी उठा था मामला

पीड़ितों का दावा है कि पैक्स में कुल जमा राशि करीब दो करोड़ रुपये के आसपास है. उन्हें आशंका है कि बैंक प्रबंधन और संचालकों ने आपसी मिलीभगत से जमाकर्ताओं की राशि हड़प ली है. आरोप है कि पैसे की मांग करने पर खाताधारकों के साथ बदसलूकी की जाती है और उन्हें धमकाकर भगा दिया जाता है. यह भी आरोप लगाया गया है कि कई लोगों की पासबुक और दस्तावेज जमा कराने के बहाने बैंककर्मियों ने छलपूर्वक अपने पास रख लिये. पीड़ितों ने बताया कि वर्ष 2025 में भी मामला सामने आया था, लेकिन उस समय बैंक संचालकों ने कुछ लोगों का भुगतान कर भरोसा जीत लिया. इसी उम्मीद में बाकी खाताधारकों ने एफआइआर दर्ज नहीं करायी, जिसका अब उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

सब्जी विक्रेता व छोटे कारोबारियों का फंसा पैसा

यह मामला सोमवार को एसपी के जनता दरबार में उठाया गया, जहां नया भोजपुर सब्जी मंडी के ठेला-खोमचा लगाने वाले छोटे कारोबारियों की पीड़ा सामने आयी. आरोप है कि एजेंटों के माध्यम से सब्जी विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों से करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये जमा कराये गये थे. परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद आज तक भुगतान नहीं किया गया. स्थिति यह है कि संबंधित एजेंट ने फोन उठाना भी बंद कर दिया है. पीड़ितों का कहना है कि यह पैक्स बैंक जिले की इकलौता ऐसी पैक्स है, जिसका संचालन सीधे अध्यक्ष और प्रबंधक द्वारा किया जाता है. जब भी पैसे की मांग की जाती है, तो ”फंड नहीं है” कहकर लौटा दिया जाता है. नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि पीड़ितों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है, जांच कर आगे कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस मामले की जांच करेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जायेगी. इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है. बड़ी संख्या में पीड़ित खाताधारक अपने फंसे धन को लेकर आशंकित हैं और प्रशासन से शीघ्र न्याय की मांग कर रहे हैं.

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By Shah abid hussain

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