बक्सर : दुर्गापूजा पंडालों को अग्नि सुरक्षा मानक का ध्यान रखना होगा. इसके लिए अग्निशमन विभाग ने दुर्गापूजा समितियों को दिशा निर्देश जारी किये हैं. पंडालों में हाइलोजन लाइट का प्रयोग नहीं करने व विद्युत का कोई भी सर्किट बल्ब-ट्यूब लाइट पंडाल के किसी भी भाग से 15 सेंटीमीटर दूर रखने की सलाह दी गयी है.
अग्नि सुरक्षा मानक का रखना होगा ध्यान
बक्सर : दुर्गापूजा पंडालों को अग्नि सुरक्षा मानक का ध्यान रखना होगा. इसके लिए अग्निशमन विभाग ने दुर्गापूजा समितियों को दिशा निर्देश जारी किये हैं. पंडालों में हाइलोजन लाइट का प्रयोग नहीं करने व विद्युत का कोई भी सर्किट बल्ब-ट्यूब लाइट पंडाल के किसी भी भाग से 15 सेंटीमीटर दूर रखने की सलाह दी गयी […]

अग्निशमन विभाग ने दुर्गापूजा पंडालों में आग लगने से बचाव के लिए पंडाल में 0.75 लीटर पानी प्रति वर्ग मीटर पर रखने के लिए ड्रम व बाल्टियों में पानी सुरक्षित रखने का भी निर्देश जारी किया है.
कहा गया है कि इसका प्रयोग अग्निशमन के अलावा अन्य कार्यों में नहीं की जाना चाहिए. पंडाल के अंदर स्विच, मेन मीटर और स्टेज के पास विद्युत की आग से सुरक्षा के लिए कार्बन डाइ आॅक्साइड गैस एक्सटिंग्यूसर लगाया जाये.
यही नहीं आतिशबाजी का प्रयोग भी दुर्गापूजा पंडालों में नहीं करने को कहा गया है. विभाग ने पंडालों में आग से बचाव के लिए संसाधन उपलब्ध रखकर अगलगी से निबटने का निर्देश दिया है. साथ ही दुर्गापूजा पंडालों में सिंथेटिक कपड़े का उपयोग नहीं करने व विद्युत नियमावली के प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन करने की हिदायत दी गयी है.
फायर ऑफिसर ब्रजकुमार चौधरी ने कहा कि पूजा पंडालों को जारी निर्देश में कहा गया है कि दुर्गापूजा के समय बननेवाले पंडालों के निर्माण के दौरान लापरवाही से अक्सर आग लगने की घटनाएं देखने व सुनने को मिलती हैं. इस तरह की घटना को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसके लिए विभाग की ओर से सुरक्षा मानक के आधार पर पूजा पंडाल निर्माण के लिए कई उपाय सुझाये गये हैं.
कहा गया है कि कोई भी पंडाल किसी भी दशा में बिजली लाइन के नीचे नहीं बनाने और पंडाल की ऊंचाई चार मीटर से कम नहीं रखने को कहा गया है. साथ ही पंडालों की चारों तरफ चार-पांच मीटर खुला स्थान व मुख्य गेट पांच मीटर चौड़ा रखने की अपील समितियों से की गयी है.