चेक बाउंस मामले में एक साल की मिली सजा

बक्सर : चेक बाउंस मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी राजेश कुमार सिंह की अदालत ने एक अभियुक्त को एक साल की सजा सुनायी है. साथ ही मूलधन की राशि शुद्ध समेत 21 लाख रुपये लौटने का आदेश दिया है. प्रतिकर राशि नहीं लौटाने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी. न्यायिक […]

बक्सर : चेक बाउंस मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी राजेश कुमार सिंह की अदालत ने एक अभियुक्त को एक साल की सजा सुनायी है. साथ ही मूलधन की राशि शुद्ध समेत 21 लाख रुपये लौटने का आदेश दिया है.

प्रतिकर राशि नहीं लौटाने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी. न्यायिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूपी के गाजीपुर जिले के गहमर गांव के रहनेवाले अक्षयवर सिंह को बक्सर शहर में अपनी जमीन बेचनी थी.
इसके लिए उन्होंने सिमरी थाना क्षेत्र के नियाजीपुर के रहनेवाले निशांत पाठक से संपर्क किया. जमीन को देखने के बाद इंसान पाठक ने हजारी सिंह को जमीन दिलाने की बात कही. इसमें अक्षयवर सिंह ने निशांत पाठक के साथ 31 लाख में जमीन बेचने का सौदा तय हुआ.
वहीं हजारी सिंह ने जमीन लेने के लिए दो लाख नकद दिये. इसके बाद अक्षयवर सिंह, निशांत पाठक के बहकावे में आकर हजारी सिंह को जमीन लिख दिया. निशांत पाठक ने 28 मई, 2014 को अक्षयवर सिंह को 16 लाख का चेक दिया. जब अक्षयवर सिंह ने बैंक में चेक डाला तो चेक बाउंस हो गया. इसके बाद अक्षयवर सिंह ने इसकी सूचना निशांत पाठक को दी. इसके बाद निशांत पाठक द्वारा बार-बार टाल-मटोल किया जाने लगा.
अंत में अक्षयवर सिंह ने कोर्ट में निशांत पाठक के खिलाफ परिवाद दाखिल किया. जहां कोर्ट ने निशांत पाठक को दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई. साथ ही बाउंस राशि को शुद्ध समेत 21 लाख रुपये लौटने का आदेश दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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