शेखपुरा में सूखे का खतरा: पुरवइया हवा और कम बारिश से धान रोपनी प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता

शेखपुरा जिले में मानसून की बेरुखी के कारण जुलाई माह में 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और सुखाड़ का खतरा मंडरा रहा है।

Sheikhpura News : शेखपुरा जिले में इस बार मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. सावन के महीने में जहां अच्छी बारिश की उम्मीद रहती है, वहीं इस बार लगातार चल रही पुरवइया हवा ने हालात बिगाड़ दिए हैं. घाघ-घाघिन की कहावत "सावन माह बहे पुरवइया, बेचो बैला, खरीदो गईया" इस समय जिले में सच होती दिख रही है. कम बारिश और सूखे हालात के कारण खेती-किसानी पर बड़ा असर पड़ रहा है और किसान अब वैकल्पिक उपायों पर सोचने को मजबूर हो गए हैं.

जुलाई महीने में जिले में सामान्य से करीब 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. आमतौर पर इस महीने में 260.5 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा सिर्फ 191.3 मिलीमीटर पर सिमट गया. इससे पहले जून में भी हालात बेहतर नहीं रहे और मात्र 30 प्रतिशत ही बारिश हो सकी. जून में सिर्फ 49 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो खेती के लिहाज से बेहद कम मानी जा रही है.

धान रोपनी पर पड़ा सीधा असर

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर धान की खेती पर पड़ा है. जिले में इस साल 28 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान रोपनी का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 30 प्रतिशत खेतों में ही रोपनी हो पाई है. पानी की कमी के कारण किसान नलकूपों का सहारा ले रहे हैं, जिससे भूगर्भ जल स्तर भी तेजी से नीचे जा रहा है.

नदी-नाले अभी तक सूखे पड़े हैं, जिससे सिंचाई की स्थिति और भी खराब हो गई है. ऐसे हालात में आने वाले दिनों में जल संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है.

अलग-अलग प्रखंडों में बारिश का हाल

जिला सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में सबसे ज्यादा 266.8 मिलीमीटर बारिश चेवाड़ा प्रखंड में दर्ज की गई. इसके बाद घाटकुसुंभा में 240.8 मिलीमीटर बारिश हुई. वहीं अरियरी में 176.6 मिलीमीटर, शेखपुरा सदर में 167.4 मिलीमीटर, बरबीघा में 148 मिलीमीटर और सबसे कम 144.02 मिलीमीटर बारिश शेखोपुरसराय में दर्ज की गई.

पूरे महीने में गिनी-चुनी तारीखों पर ही अच्छी बारिश देखने को मिली. 8 जुलाई को 18 मिलीमीटर, 11 जुलाई को 23 मिलीमीटर, 16 जुलाई को 21 मिलीमीटर, 19 जुलाई को 20 मिलीमीटर और 20 जुलाई को सबसे ज्यादा 35.300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.

रबी फसल पर भी मंडराया संकट

कम बारिश का असर सिर्फ खरीफ फसल पर ही नहीं बल्कि आने वाले रबी सीजन पर भी पड़ सकता है. खेतों में नमी की कमी और जलस्तर गिरने से आगे की फसलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है. किसानों का कहना है कि अगर अगस्त और सितंबर में भी अच्छी बारिश नहीं हुई, तो हालात और खराब हो सकते हैं.

स्थानीय लोगों ने बताया कि झारखंड में भी इस बार कम बारिश हुई है, जिससे वहां से आने वाली नदियों में भी पानी नहीं पहुंच रहा है. इसका असर सीधे शेखपुरा के जल स्रोतों पर पड़ रहा है.

बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों में नाराजगी

सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कृषि फीडर में कम से कम 12 घंटे बिजली देने का निर्देश दिया है, ताकि वे नलकूप से सिंचाई कर सकें. साथ ही डीजल अनुदान देने की भी बात कही गई है. कृषि विभाग ने किसानों को वैकल्पिक खेती और मोटे अनाज उगाने के लिए भी प्रेरित किया है.

लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. किसानों का आरोप है कि साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा नियमित बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है. घाटकुसुंभा प्रखंड के पानापुर गांव के किसान शंकर चौरसिया ने बताया कि दिनभर में मुश्किल से 1 से 2 घंटे ही बिजली मिल पा रही है.

उन्होंने कहा कि शिकायत करने पर भी अभियंता फोन नहीं उठाते हैं और छोटी-छोटी खराबियों को ठीक करने में भी घंटों लग जाते हैं. इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है.

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

किसानों ने जिला प्रशासन से बिजली कंपनी पर सख्ती करने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर समय पर बिजली नहीं मिली, तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है. ऐसे में प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारनी चाहिए.


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By Niranjan Kumar

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