Rajgir Sanitation Workers Strike : पर्यटन और आस्था की नगरी राजगीर इन दिनों नगर परिषद कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रही है. रविवार को हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही.
स्थायी, दैनिक, संविदा, आउटसोर्सिंग एवं ठेका कर्मी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं. कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. पूरे शहर में जगह-जगह कूड़े-कचरे का अंबार लग गया है.
धार्मिक स्थलों और प्रमुख बाजारों में पसरी गंदगी
स्थिति इसलिए भी अधिक चिंताजनक हो गई है, क्योंकि इन दिनों राजगीर में श्रावणी मेला आयोजित है. बाबा सिद्धनाथ मंदिर, गढ़ महादेव मंदिर, अभिनव वैद्यनाथ महादेव मंदिर, नौलखा मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवरिये और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
इसके साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भी अच्छी खासी भीड़ शहर में मौजूद है. ऐसे समय में मुख्य सड़कें, बाजार, चौक-चौराहे और कई मोहल्ले कूड़े के ढेर से पटे नजर आ रहे हैं. समय पर कचरे का उठाव नहीं होने से दुर्गंध फैलने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय नागरिकों की चिंता और संक्रमण फैलने की आशंका
पूर्व पार्षद सूर्यदेव कुमार, इंद्र मोहन सिंह निराला, सुधीर कुमार पटेल, सुरेन्द्र प्रसाद, उपेन्द्र कुमार विभूति एवं अन्य स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजगीर की पहचान एक स्वच्छ, ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी के रूप में है, लेकिन मौजूदा हालात से शहर की छवि प्रभावित हो रही है.
बरसात के मौसम में सड़कों पर पड़े कूड़े से संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है. लोगों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने और सफाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है.
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी और प्रशासनिक चुनौतियां
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी तीन सूत्री मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. दूसरी ओर, नगर परिषद प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अब तक गतिरोध समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है.
श्रावणी मेले और पर्यटन सीजन के बीच उत्पन्न इस संकट ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. यदि जल्द हड़ताल समाप्त नहीं हुई, तो गंदगी की समस्या और विकराल हो सकती है, जिसका सीधा असर शहर की स्वच्छता, जनस्वास्थ्य, पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है.
