एक महीने तक चलने वाले ऐतिहासिक श्रावणी मेला का फीता काटकर ग्रामीण विकास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को विधिवत उद्घाटन करते हुए कहा कि राजगीर सदियों से सर्वधर्म समभाव और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र रहा है.
यहां विभिन्न धर्मों का संगम होता है. इसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत पूरे देश में प्रसिद्ध है. सावन माह में वैभारगिरि स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहता है.
गर्म जलकुंडों की महत्ता और श्रद्धालुओं की सुविधा
मंत्री ने कहा कि राजगीर के गर्म जलकुंड अपने औषधीय गुणों के लिए विख्यात हैं. बाबाधाम से लौटने वाले कांवरिया बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर गर्म जलकुंडों में स्नान कर अपनी थकान दूर करते हैं और कुंड का पवित्र जल लेकर बाबा सिद्धनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं.
इसी परंपरा और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष श्रावणी मेला का आयोजन कराती है. उन्होंने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं के ठहरने, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता की व्यापक व्यवस्था की गई है. विभिन्न स्थानों पर पंडाल बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
धार्मिक आस्था और पर्यटन का विकास
मंत्री ने कहा कि राजगीर का श्रावणी मेला प्राचीन काल से धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है. कांवरियों की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र एवं कुंड परिसर में विभिन्न प्रकार की दुकानों और आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजगीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिली है. नेचर सफारी का ग्लास ब्रिज सहित कई पर्यटन परियोजनाओं ने देशभर के पर्यटकों को आकर्षित किया है.
सभापति जीरो देवी के विचार
इस अवसर पर नगर परिषद की सभापति जीरो देवी ने कहा कि श्रावणी मेला राजगीर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है. यह मेला प्रत्येक वर्ष लाखों शिवभक्तों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है.
उद्घाटन समारोह में उपस्थित गणमान्य लोग
उद्घाटन समारोह में नगर परिषद की सभापति जीरो देवी, एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता, डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता, वरीय वार्ड पार्षद डॉ. अनिल कुमार, वार्ड पार्षद महेन्द्र यादव, श्याम नारायण प्रसाद, कविता कुमारी, इकबाल हसीब, पूर्व प्रखंड प्रमुख सुधीर कुमार पटेल, जदयू जिला उपाध्यक्ष सुबेन्द्र राजवंशी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष जयराम सिंह, राकेश कुमार, मुन्ना कुमार, अलेन्द्र कुमार सिन्हा, रामजी यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
