Nalanda News : पर्यटन एवं आध्यात्मिक नगरी राजगीर ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गई. झमाझम बारिश के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ रथयात्रा में शामिल हुए. "जय जगन्नाथ" के जयघोष, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ रथयात्रा का शुभारंभ
रथयात्रा शुरू होने से पहले युवा छात्रावास परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद ब्रह्मकुंड क्षेत्र से वैदिक रीति-रिवाज के साथ रथयात्रा का शुभारंभ हुआ. रथ के आगे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे, जबकि कई भक्त श्रद्धा भाव से मार्ग की सफाई करते हुए झाड़ू लगा रहे थे. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया.
बारिश में भी नहीं थमा आस्था का सैलाब
रथयात्रा शुरू होने से पहले हुई मूसलाधार बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया, लेकिन इससे श्रद्धालुओं का उत्साह बिल्कुल भी कम नहीं हुआ. भीगते हुए भी श्रद्धालु पूरे मार्ग में रथ के साथ चलते रहे. किसानों ने भी इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए शुभ संकेत बताते हुए खुशी जताई.
इन मार्गों से होकर निकली रथयात्रा
रथयात्रा ब्रह्मकुंड क्षेत्र से पटेल चौक, धर्मशाला रोड, मुख्य बाजार, गिरियक रोड, गिरियक रोड चौराहा, कॉलेज रोड, पुरानी कचहरी और थाना रोड होते हुए पुनः युवा छात्रावास परिसर पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यात्रा का समापन हुआ. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया.
पहली रथयात्रा ने बनाई नई पहचान
आयोजन में पार्षद महेंद्र यादव, पूर्व पार्षद इंद्र मोहन सिंह 'निराला', अजय कुमार, उपेंद्र यादव, उपेंद्र कुमार विभूति, सुरेंद्र प्रसाद, सुधीर कुमार मालाकार, प्रो. अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और युवा शामिल हुए. पहली बार आयोजित इस श्री जगन्नाथ रथयात्रा ने राजगीर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की.
