ई-शिक्षाकोष से प्रश्न मिलते हैं, ब्लैक बोर्ड पर लिखने में 30 मिनट; अर्द्धवार्षिक परीक्षा में बच्चों के छूट रहे सवाल

जिले के सरकारी स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू हो गई है. शिक्षकों का कहना है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल से प्रश्न ब्लैक बोर्ड पर लिखने में ही आधा घंटा लग जाता है, जिससे छात्रों को प्रश्न हल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है. इससे कई बच्चों के सवाल छूट रहे हैं.

E-ShikshaKosh: विभागीय निर्देश के अनुसार जिले के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में मंगलवार से बच्चों की अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा शुरू हो गयी है. परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए विभाग की ओर से कई नियम बनाये गये हैं. इसके तहत निर्धारित तिथि को संबंधित विषय के प्रश्न ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध कराये जाते हैं. विभाग का मानना है कि इससे सभी कक्षाओं के प्रश्नों की गोपनीयता बनी रहती है.

हालांकि, शिक्षकों के अनुसार ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्राप्त प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर लिखने में ही करीब आधा घंटा लग जाता है. इससे विद्यार्थियों को प्रश्न हल करने के लिए निर्धारित पूरा समय नहीं मिल पाता है.

ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखने में लग रहा आधा घंटा

कई शिक्षकों ने बताया कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर मोबाइल के माध्यम से प्राप्त प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर लिखने में करीब 30 मिनट का समय लग जाता है. जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है और दोनों पालियों की परीक्षा के लिए दो-दो घंटे का समय निर्धारित है. शिक्षकों के अनुसार प्रश्न देर से ब्लैक बोर्ड पर लिखे जाने के कारण विद्यार्थियों को उत्तर लिखने के लिए कम समय मिल पाता है. दूसरी ओर, निर्धारित परीक्षा समय समाप्त होने के बाद शिक्षकों को बच्चों से कॉपियां जमा करनी होती हैं. ऐसे में कई बच्चों के कुछ प्रश्न हर रोज छूट जा रहे हैं.

3 लाख से अधिक विद्यार्थी दे रहे परीक्षा

जिले के कुल 1341 प्राथमिक विद्यालय और 827 मध्य विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक नामांकित करीब तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. सभी प्रारंभिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्धारित समय सारणी के अनुसार परीक्षा आयोजित कराने का निर्देश दिया गया है. परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर से इसकी निगरानी भी की जा रही है.

दो कक्षाओं के एक कमरे में संचालन से बढ़ रही परेशानी

विभिन्न शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने बताया कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल से मोबाइल के माध्यम से प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर लिखने में काफी समय लग जाता है. इससे बच्चों को उत्तर लिखने के लिए कम समय मिल पाता है. शिक्षकों के अनुसार कई विद्यालयों में एक ही कमरे में दो कक्षाएं संचालित होती हैं. ऐसे विद्यालयों में प्रश्न लिखने और परीक्षा कराने में और अधिक परेशानी होती है.

प्रश्न पत्र उपलब्ध कराकर परीक्षा लेना बेहतर : शिक्षक संघ

अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रश्न पत्र उपलब्ध कराकर परीक्षा लेना परीक्षा का सबसे अच्छा विकल्प है. लेकिन विभाग की ओर से सिर्फ बच्चों के लिए कॉपियां उपलब्ध करायी जाती हैं. उन्होंने कहा कि सुबह 9:30 से 10:00 बजे तक बच्चों का चेतना सत्र आयोजित होता है. इसके बाद 10:00 बजे से परीक्षा शुरू होती है. ऐसे में प्रश्नों को तुरंत ब्लैक बोर्ड पर लिख देना संभव नहीं है.

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लेखक के बारे में

By उज्ज्वलानंद गिरि

उज्जवलानंद गिरि वर्ष 2009 से प्रभात खबर, बिहारशरीफ कार्यालय में जिला संवाददाता के रूप में कार्य कर रहे हैं. शिक्षा, सहकारिता, जिला परिषद तथा बिहारशरीफ प्रखंड की खबरें प्रमुखता से लिखते रहे हैं.

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