एकमुश्त टैक्स जमा करने पर नहीं भरना होगा जुर्माना

नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स के बकायेदारों को बड़ी राहत दी है. अब बकायेदार बिना ब्याज के टैक्स जमा कर सकते हैं.

बिहारशरीफ. नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स के बकायेदारों को बड़ी राहत दी है. अब बकायेदार बिना ब्याज के टैक्स जमा कर सकते हैं. इसके लिए 31 मार्च 2026 तक का समय दिया गया है. नगर निगम के टैक्स इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि इस योजना से नगर निगम को राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी होगी और बकायेदारों को भी बड़ी राहत मिल सकेगी. हालांकि नगर निगम कार्यालय द्वारा टैक्स बकायेदारों को इतनी बड़ी राहत देने के बाद निगम कार्यालय को इसके लिए राजस्व का बड़ा घाटा उठना पड़ेगा़ हालांकि दूसरी ओर देंखे तो निगम कार्यालय के बकाये राशि जमा होने पर एकमुश्त बड़ी राशि राजस्व के रूप में प्राप्त हो सकेगी़ इस संबंध में नगर निगम के टैक्स इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि तकरीबन नगर निगम क्षेत्र में तकरीबन साढ़े नौ करोड़ रुपये से अधिक ब्याज की राशि बकाया है. इस योजना से नगर निगम को राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी होगी और बकायेदारों को भी बड़ी राहत मिल सकेगी.

एकमुश्त टैक्स जमा करने की क्या है योजना

बकायेदारों को 31 मार्च 2026 तक एकमुश्त मूल राशि जमा करनी होगी.

यदि किसी करदाता का मामला न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य फोरम में चल रहा है, तो उसे भी योजना का लाभ मिलेगा.

छूट का लाभ लेने के लिए बकायेदारों को न्यायालय से मामला वापस लेने का लिखित प्रमाण प्रस्तुत करना होगा.

एकमुश्त टैक्स जमा करने से क्या मिलेगा लाभ

बकायेदारों को ब्याज की राशि से मुक्ति मिलेगी.

नगर निगम को राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी होगी.

बकायेदारों को बड़ी राहत मिल सकेगी.

जरूरतों के लिए अधिक धनराशि का उपयोग कर सकेंगे.

योजना का इस तरीके से मिलेगा लाभ :

बकायेदारों को अपना केवाइसी कराना होगा.

केवाइसी कराने के बाद बकायेदार एकमुश्त मूल राशि जमा कर सकते हैं.

योजना का लाभ लेने के लिए बकायेदारों को निर्धारित समय सीमा के अंदर जमा करना होगा.

एकमुश्त बकाया टैक्स जमा करने पर योजना का लाभ

ब्याज में छूट का लाभ लेने के लिए बकायेदारों को एकुमुश्त अपना बकाया होल्डिंग टैक्स जमा करना होगा. एकमुश्त टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित है. अगर किसी बकायेदार का मामला किसी फोरम या न्यायालय में है तो उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा. लेकिन उन्हें फोरम या न्यायालय से वाद को वापस लेने से संबंधित लिखित प्रमाण निगम कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा.

दीपक कुमार मिश्रा, नगर आयुक्त, नगर निगम, बिहारशरीफ

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Published by: Amlesh prasad

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