मर्डर मामले में आश्रितों को मिलेगा मुआवजा

चेन्नई के चर्चित ट्रिपल मर्डर की घटना में 9 दिन बाद भी महिला और बच्चे का शव शेखपुरा नहीं पहुंच सका.

शेखपुरा. चेन्नई के चर्चित ट्रिपल मर्डर की घटना में 9 दिन बाद भी महिला और बच्चे का शव शेखपुरा नहीं पहुंच सका. शेखपुरा के पथलाफर गांव के सौरभ यादव की उनके पत्नी और देश साल के बच्चे के साथ निर्मम हत्या 25 जनवरी को कर दी गयी थी. एक तरफ जहां शव को तमिलनाडु सरकार ने परिजनों को रिसीव करने की बात कही. वहीं दूसरी ओर सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एयरक्राफ्ट ने शव को बिहार ले जाने से इनकार कर दिया. श्रम संसाधन विभाग के अथक प्रयास के बाद शव को रोड एंबुलेंस के जरिए शेखपुरा के लिए रवाना किया गया है. जानकारी के मुताबिक रवानगी के 36 घंटे बाद ही शव शेखपुरा पहुंच सकेगा. शवों के इंतजार में परिवार के लोग नम आंखों के पलके बिछाए बैठे हैं. हत्या की घटना के बाद सबसे पहले बरामद मृतक व पथलाफर गांव निवासी सुरेन्द्र यादव के पुत्र सौरभ के शव को परिजनों अपने ही खर्च पर ले आया. लेकिन जब परिजनों ने आर्थिक तंगी के कारण महिला और बच्चे का शव लाने से असमर्थता जताई. तब श्रम संसाधन विभाग ने 70 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान कर शव को लाने का बंदोबस्त किया. इस बाबत श्रम अधीक्षक राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शव लाने के साथ-साथ आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए भी पहल कदमी की गई है.

.क्या है चेन्नई ट्रिपल मर्डर की घटना.

25 जनवरी को दरिंदों ने हंसते खेलते परिवार के अस्तित्व को ही मिटा दिया. इस घटना में शेखपुरा जिले के पथलाफर गांव निवासी सौरभ कुमार के अलावे उनकी पत्नी मुनिता कुमारी एवं डेढ़ वर्ष के पुत्र वीरमणि कुमार की हत्या कर दी गयी थी. चेन्नई के एक कॉलेज प्रांगण में ही नाइट गार्ड की ड्यूटी कर रहे मृतक सौरभ और उसके पत्नी बच्चे की इसीलिए निर्मम हत्या की गई, की शराब पार्टी के बाद पांच आरोपियों ने उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास का विरोध किया गया.

आश्रितों को मिलेगा सात लाख रुपये का मुआवजा

चेन्नई ट्रिपल मर्डर कांड की दर्दनाक घटना में आश्रित परिवारों को सात लाख रूपये का मुआवजा मिलेगा. डीएम शेखर आनंद के सख्त निर्देश पर श्रम संसाधन विभाग ने इस दिशा में ठोस पहल कदमी की. श्रम अधीक्षक राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शव गुरुवार की दोपहर तक शेखपुरा पहुंच जाएगा. इस मामले में आश्रितों को तमिलनाडु बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड को एक रिक्वेस्ट पत्र भेजा गया था. बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के निवेदन पर दोनों मृतकों के आश्रितों को ढाई – ढाई लाख रुपए का मुआवजा दिया गया. इसके साथ ही प्रवासी मजदूर क्षतिपूर्ति योजना के तहत बिहार सरकार दो लाख रूपये का आर्थिक सहायता दिया जाएगा. श्रम अधीक्षक ने बताया कि इस दिशा में विभागीय प्रक्रिया पूरी कर सभी राशियों की स्वीकृति भी दे दी गई है. जल्द ही आश्रितों के खाते में राशि भेज दिया जाएगा.

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Published by: Santosh kumar singh

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