Nalanda Rajgir Global Tourism Hub : प्राचीन नालंदा की विरासत और आधुनिक राजगीर के पर्यटन विकास को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में संसदीय स्थायी समिति ने संभावनाओं की पड़ताल शुरू कर दी है, जिसके तहत परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्व धरोहर नालंदा और राजगीर का भ्रमण करने के बाद मंगलवार को नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा कर शिक्षा, विरासत, पर्यटन और पर्यावरणीय विकास के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की.
इतिहास और आधुनिकता के संगम का अवलोकन
नालंदा विश्वविद्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और सांसदों ने परिसर का भ्रमण करने के साथ कुलपति, शिक्षकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से संवाद किया, जिसमें प्राचीन नालंदा की ज्ञान परंपरा को आधुनिक वैश्विक शिक्षा, शोध और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक संवाद से जोड़ने के प्रयासों को समझा गया.
पर्यटन विकास और सुविधाओं की व्यापक समीक्षा
समिति का दौरा केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहा बल्कि नालंदा और राजगीर की विरासत, पर्यटन अवसंरचना और पर्यटकों को उपलब्ध सुविधाओं की व्यापक समीक्षा भी की गई, जिसमें प्राचीन अवशेष, बौद्ध स्थल, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को एक समेकित सर्किट के रूप में विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित करने पर चर्चा हुई.
स्थानीय विद्यार्थियों की भागीदारी और नेताओं के विचार
समिति ने विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप के साथ बिहार के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया, जहाँ सांसद सुधा मूर्ति ने प्राचीन परंपरा के अनुरूप वैश्विक प्रतिष्ठा की उम्मीद जताई, राजीव प्रताप रूड़ी ने पर्यावरण-सचेत परिसर के संतुलन की सराहना की और मनोज तिवारी ने इसे शैक्षणिक और पर्यटन परिवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया.
Also Read : आरा में कल 9 घंटे बिजली कटौती, सुबह 11 से रात 8 बजे तक इन इलाकों में नहीं रहेगी सप्लाई
नेट-जीरो मॉडल और समिति में शामिल प्रमुख सदस्य
दौरे के दौरान विश्वविद्यालय के नेट-जीरो परिसर, अक्षय ऊर्जा, जल प्रबंधन और पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचे ने समिति का विशेष ध्यान आकर्षित किया, और इस समिति में अध्यक्ष संजय कुमार झा के अलावा अजय कुमार मंडल, अनुराग शर्मा, देवेश चंद्र ठाकुर, के. ई. प्रकाश, मनोज तिवारी, मियां अल्ताफ अहमद, राहुल कासवान, राजीव प्रताप रूड़ी, सुरेश कुमार शेटकर, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, गोला बाबू राव, इमरान प्रतापगढ़ी, केशरी देव सिंह दिग्विजय झाला, नदीमुल हक, आर. के. चौधरी, एस. कल्याण सुंदरम, सुधा मूर्ति एवं जून मालिया शामिल रहे.
