Nalanda News : (सुनील कुमार) विश्व बाल मजदूरी विरोधी दिवस के अवसर पर बिहारशरीफ में बाल मजदूरी और बाल तस्करी के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली गई. संयुक्त श्रम भवन परिसर से शुरू हुई इस रैली में स्काउट-गाइड, छात्र-छात्राओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर लोगों को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया. रैली के दौरान बचपन बचाने और शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया.
विश्व बाल मजदूरी विरोधी दिवस पर निकली जागरूकता रैली
शुक्रवार को बिहारशरीफ के संयुक्त श्रम भवन परिसर से विश्व बाल मजदूरी विरोधी दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बाल मजदूरी और बाल तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को प्रेरित करना था.
श्रम विभाग और सामाजिक संस्था ने मिलकर किया आयोजन
इस कार्यक्रम का आयोजन श्रम संसाधन विभाग एवं आईडिया स्वैच्छिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. आयोजन में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.
बैनर और तख्तियों के साथ सड़कों पर उतरे छात्र
रैली में शामिल प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शहर के विभिन्न मार्गों पर मार्च किया. इस दौरान लोगों को बाल मजदूरी और बाल तस्करी के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दिया गया.
गूंजे ‘बाल मजदूरी बंद करो’ के नारे
रैली के दौरान “एंड चाइल्ड ट्रैफिकिंग नाउ”, “बाल मजदूरी बंद करो”, “हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार” और “बच्चों का बचपन सुरक्षित करें” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा. प्रतिभागियों ने समाज से बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की.
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है बाल मजदूरी
वक्ताओं ने कहा कि बाल मजदूरी और बाल तस्करी बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना देती है. यह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि समाज के विकास में भी बड़ी बाधा है. इन अपराधों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं.
समाज, प्रशासन और अभिभावकों को निभानी होगी जिम्मेदारी
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि बाल मजदूरी और बाल तस्करी को खत्म करने के लिए समाज, प्रशासन और अभिभावकों को मिलकर काम करना होगा. बच्चों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य देना सभी की जिम्मेदारी है.
संदिग्ध मामलों की तुरंत दें सूचना
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं बाल मजदूरी या बाल तस्करी से जुड़ा कोई मामला सामने आए तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को दें. समय पर सूचना मिलने से बच्चों को शोषण से बचाया जा सकता है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव हो सकेगी.
हर बच्चे को मिले शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है. समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब उसका बचपन सुरक्षित और शिक्षित हो.
