नालंदा में जनगणना में 38.68 लाख आबादी का प्रारंभिक आंकड़ा, 8 लाख से अधिक मकानों का हुआ सूचीकरण

Nalanda News : नालंदा जिले में जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य लगभग पूरा हो गया है. जिले में नियुक्त 5493 प्रगणकों में से 5485 ने अपना कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार 8,09,989 मकानों के लक्ष्य के विरुद्ध 8,09,731 मकानों का सूचीकरण किया गया है.

(नालंदा से कंचन की रिपोर्ट)

Nalanda News : नालंदा जिले में जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य लगभग पूरा हो गया है. जिले में नियुक्त 5493 प्रगणकों में से 5485 ने अपना कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार 8,09,989 मकानों के लक्ष्य के विरुद्ध 8,09,731 मकानों का सूचीकरण किया गया है.

6.22 लाख आवासीय मकान, 26 हजार से अधिक मकान मिले खाली

जनगणना के दौरान जिले में 6,10,346 मकान पूर्णतः आवासीय और 11,916 मकान आंशिक रूप से आवासीय पाए गए. इस प्रकार कुल 6,22,262 आबाद आवासीय मकानों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है. वहीं 26,253 मकान रिक्त और 9,427 मकान बंद मिले. आवासीय एवं रिक्त मकानों की कुल संख्या 6,48,515 दर्ज की गई है.

1.61 लाख मकान गैर-आवासीय उपयोग में

सर्वेक्षण के दौरान 1,61,216 मकान ऐसे पाए गए जिनका उपयोग आवासीय कार्यों के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है. जनगणना टीम ने जिले के कुल 6,64,141 परिवारों का विवरण भी दर्ज किया है। इनमें से 5,92,822 परिवारों के आंकड़ों का सत्यापन पर्यवेक्षकों द्वारा किया जा चुका है.

38.68 लाख आबादी का प्रारंभिक आंकड़ा आया सामने

प्रथम चरण के दौरान जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार नालंदा जिले की प्रारंभिक जनसंख्या 38,68,564 दर्ज की गई है. अधिकारियों ने बताया कि अब जनगणना के दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसमें घर-घर जाकर विस्तृत जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी.

ऑनलाइन विवरण में मिलीं कई गड़बड़ियां

बिहार सरकार के सांख्यिकी निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए गए करीब 6500 से 7000 मकानों के ऑनलाइन विवरण की जांच के दौरान कई विसंगतियां सामने आईं. कई लोगों ने अपने मकानों में शौचालय, बिजली कनेक्शन और मोबाइल फोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी थी, लेकिन भौतिक सत्यापन में यह जानकारी गलत पाई गई. इसके बाद संबंधित मकानों का दोबारा सत्यापन कराया गया.

परिवार के किसी सदस्य के नाम पर सुविधा होने पर मानी जाएगी उपलब्ध

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर बिजली कनेक्शन, मोबाइल फोन या अन्य सुविधा उपलब्ध है, तो उसे पूरे परिवार की सुविधा माना जाएगा. सत्यापन के दौरान अधिकांश मामलों में इसी प्रकार की त्रुटियां सामने आई.

जनगणना के नाम पर ठगी से रहें सावधान

जनगणना के अगले चरण में प्रगणक 33 बिंदुओं वाली प्रश्नावली के आधार पर जानकारी जुटाएंगे. इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रगणक को आधार संख्या, बैंक खाता विवरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज या अन्य संवेदनशील जानकारी नहीं देनी है। किसी प्रकार की शिकायत या धोखाधड़ी की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है.

दूसरे चरण पर टिकी जिले की नजर

जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा होने के बाद अब दूसरे चरण में नालंदा की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय तस्वीर और स्पष्ट होगी. प्रशासन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी ताकि जिले का सटीक और विश्वसनीय डेटा तैयार हो सके.

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By Vivek Singh

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