Nalanda News (कंचन कुमार की रिपोर्ट): नालंदा जिला प्रशासन ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा पूर्व तैयारी को लेकर जिले में अपनी सभी गतिविधियां काफी तेज कर दी हैं. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के कुशल मार्गदर्शन में पूरे जिलेभर में जन-जागरूकता, राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम सफलता पूर्वक संचालित किए जा रहे हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि इन सभी विशेष प्रयासों का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपदा के दौरान होने वाली जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है.
मजबूत बनाया जा रहा तंत्र
प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न सरकारी विभागों के आपसी समन्वय से जिला आपदा प्रबंधन को बेहद मजबूत बनाया जा रहा है. आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सामुदायिक क्षमता निर्माण के विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों से डटकर निपटने के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है. ताकि समय रहते लोग अपनी सुरक्षा स्वयं करने में सक्षम हो सकें.
मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन
नालंदा जिले में मुख्य रूप से बाढ़, भूकंप, वज्रपात और भीषण अग्निकांड जैसी संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय रूप से अग्रिम तैयारी कर रहा है. जिले के विभिन्न चिन्हित विद्यालयों, पंचायतों और सार्वजनिक सामुदायिक स्थलों पर मॉक ड्रिल, प्रशिक्षण शिविर और जन जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आपदा के समय सुरक्षित रहने और त्वरित प्रतिक्रिया देने की जानकारी दी जा रही है.
नियंत्रण कक्ष की होगी स्थापना
प्रशासन का मानना है कि समय रहते जागरूकता और प्रशिक्षण से आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नालंदा जिला प्रशासन ने 15 जून 2026 से जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का बड़ा निर्णय लिया है. इसके माध्यम से बाढ़ से जुड़ी तमाम शिकायतों, सूचनाओं और आपातकालीन स्थितियों पर जिला स्तर से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
हेल्पलाइन नंबर किए गए जारी
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के जरिए भी आपदा संबंधी सभी आवश्यक सूचनाओं का संकलन और विभागों के बीच आपसी समन्वय किया जा रहा है. प्रशासन ने आम लोगों की त्वरित सहायता के लिए लैंडलाइन हेल्पलाइन नंबर 06112-233168 और मोबाइल नंबर 8789858336 जारी किया है. जिस पर कोई भी नागरिक आपदा संबंधी सूचना दे सकता है. आगामी राजकीय राजगीर मलमास मेला-2026 सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था रहेगी.
आपदा मित्रों को मिला प्रशिक्षण
मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए प्रशिक्षित आपदा मित्रों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है. ये स्वयंसेवक भीड़ प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव कार्य तथा आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में चयनित स्वयंसेवकों को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है. इन मित्रों को सीपीआर (CPR) और प्राथमिक उपचार का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है.
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