Nalanda News(कंचन कुमार): आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए नालंदा जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहा है. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में नालंदा के जिलाधिकारी (DM) कुंदन कुमार ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में कुल 21 मामलों की गहन सुनवाई की. इस महत्वपूर्ण समीक्षा और जनसुनवाई के दौरान डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई जटिल मामलों का मौके पर ही निष्पादन (समाधान) कर दिया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कड़ी कार्रवाई करने के आवश्यक निर्देश जारी किए.
सुनवाई से पहले ही कई मामलों का हुआ निपटारा; अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश
जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की मुस्तैदी का असर यह रहा कि कई शिकायतों का समाधान तो जिलाधिकारी की इस मुख्य सुनवाई से पहले ही संबंधित लोक प्राधिकारों द्वारा धरातल पर कर दिया गया था. वहीं, जो मामले पेंडिंग थे, उन पर डीएम ने खुद दोनों पक्षों को सुनने के बाद त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए.
इन महत्वपूर्ण मामलों का मौके पर ही हुआ सफल निष्पादन
इस उच्चस्तरीय सुनवाई के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ी कई तरह की शिकायतें आईं, जिनका ऑन द स्पॉट निस्तारण किया गया. इन्द्रजीत कुमार की पुल निर्माण से जुड़ी शिकायत, विश्वकर्मा कुमार द्वारा सरकारी राशि को दूसरे खाते में ट्रांसफर कर गबन करने के गंभीर मामले, प्रवीण कुमार की गैर-मजरूआ (सरकारी) भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और विमलेश कुमार द्वारा हल्का कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग से जुड़े मामलों को पूरी तरह निष्पादित कर दिया गया.
अरविंद प्रसाद की इंदिरा आवास से जुड़ी समस्या, सूरज कुमार की ग्रामीण आवास योजना का लाभ न मिलने की शिकायत, रणजीत कुमार द्वारा गलत तरीके से किए गए म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की शिकायत और नवीन कुमार सिंह की मृत्यु के 5 वर्ष बाद जमाबंदी किए जाने संबंधी गंभीर शिकायतों का भी स्थायी समाधान निकाला गया.
संजीव कुमार की खेती के लिए तार एवं पोल लगाने, दिलीप चौधरी की सरकारी कार्य योजनाओं में अनियमितता, अबू तलहा हसन की कब्रिस्तान घेराबंदी, रिंकू कुमारी की बिजली बिल सुधार और राजेश कुमार की नाली-गली के पानी निकासी संबंधी शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेते हुए उन्हें क्लोज किया गया.
चमेली देवी के टाइटल सूट से संबंधित मामले, उपेंद्र प्रसाद के जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत, नवीन कुमार सिंह की टीएस संख्या-27/23 के बोर्ड को हटाने, अभय कुमार की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, पंकज कुमार की सड़क किनारे पौधारोपण तथा ऋतिक रौशन सिंह की खतियान उपलब्ध कराने की शिकायतों का भी पूर्ण निस्तारण कर दिया गया.
रैयती जमीन पर PCC सड़क बनाने के मामले में DPR0 से रिपोर्ट तलब
सुनवाई के दौरान एक बेहद पेचीदा मामला भी सामने आया. परिवादी सुरेंद्र कुमार सिन्हा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनकी निजी रैयती जमीन पर अधिकारियों की मिलीभगत से जबरन पीसीसी (PCC) सड़क का निर्माण करा दिया गया है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने तत्काल प्रभाव से जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO), नालंदा से पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके.
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक और अपीलीय प्राधिकार की सुनवाई के अवसर पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के अलावा विभिन्न विभागों के संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी और तकनीकी टीम मुख्य रूप से मौजूद रही.
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