Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा जिले में भीषण गर्मी के बीच आवारा और हिंसक कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रतिदिन 210 से 240 लोग कुत्तों के काटने के शिकार हो रहे हैं. लगातार बढ़ रहे मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील जारी की है.
रोजाना सैकड़ों लोग बन रहे कुत्तों के हमले का शिकार
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नालंदा में हर दिन औसतन 210 से 240 लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं. बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आम लोगों दोनों के लिए चिंता की स्थिति पैदा कर दी है.
एक गांव में 5 तो दूसरे में 7 लोगों को काटा
बेन प्रखंड के सलेमू बिगहा गांव में गुरुवार को एक आवारा कुत्ते ने पांच लोगों को काटकर घायल कर दिया. वहीं एकंगरसराय प्रखंड के मुज्जाहिदपुर गांव में एक हिंसक कुत्ते ने एक ही दिन में सात लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. दोनों घटनाओं के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुत्तों को पीट-पीटकर मार डाला.
ज्येष्ठ महीने में बढ़े मामले, स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर कार्तिक और अगहन माह में कुत्तों के काटने की घटनाएं ज्यादा सामने आती हैं. लेकिन इस बार ज्येष्ठ माह में ही मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो असामान्य और चिंताजनक स्थिति मानी जा रही है.
सदर अस्पताल में पहुंच रहे सबसे ज्यादा मरीज
कुत्तों के काटने के सबसे अधिक मरीज बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. इसके बाद पावापुरी अस्पताल दूसरे स्थान पर है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लेने पहुंच रहे हैं.
एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध, लेकिन आरआईजी इंजेक्शन की कमी
सदर अस्पताल के प्रबंधक इबरान ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है. हालांकि पिछले कुछ दिनों से रेबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन (RIG) इंजेक्शन की कमी बनी हुई है और इसकी आपूर्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
कुत्ता काटे तो तुरंत करें यह काम
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं. इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर एंटी-रेबीज टीका अवश्य लगवाएं.
अंधेरी सड़कें और आवारा कुत्ते बन रहे खतरे की वजह
शहर के कई इलाकों में खराब स्ट्रीट लाइट और उखड़ी हुई सड़कों के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है. रामचंद्रपुर, चौधरी टोला, नईसराय, कल्याणपुर, मंगला स्थान, कमरूद्दीनगंज, शिवपुरी, इमामगंज, निचली किला गढ़पर, प्रोफेसर कॉलोनी, डॉक्टर कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, नालंदा कॉलोनी, मगध कॉलोनी, सोहसराय और आशानगर जैसे क्षेत्रों में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है.
गैस पाइपलाइन की खुदाई ने बढ़ाई मुश्किलें
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई कई सड़कें अब तक पूरी तरह समतल नहीं की गई हैं. अंधेरे और खराब सड़क की वजह से पैदल चलने वालों, साइकिल सवारों और बाइक चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
कुत्तों के झुंड से राहगीर परेशान
लोगों के अनुसार शहर के कई चौक-चौराहों और गली-मोहल्लों में कुत्तों के झुंड सड़क पर बैठे रहते हैं. अंधेरे में राहगीरों का पैर गलती से कुत्तों से टकरा जाता है, जिसके बाद वे हमला कर देते हैं. इससे कुत्ता काटने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है.
नगर प्रशासन से उठी ठोस कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर प्रशासन से खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, उखड़ी सड़कों के समतलीकरण और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
