नालंदा. गरीब और मेधावी अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में जिले को बड़ी सौगात मिली है. बिहारशरीफ प्रखंड के चकरसलपुर गांव में करीब 56 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 का बुधवार को शुभारंभ किया गया. अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खां और सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने विद्यालय का उद्घाटन किया.
लगभग तीन एकड़ में बने विद्यालय परिसर में 560 छात्र-छात्राओं के रहने और पढ़ने की व्यवस्था है. इनमें 280 सीटें छात्राओं और 280 सीटें छात्रों के लिए निर्धारित हैं. यहां 9वीं से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई होगी. 11वीं में विज्ञान और कला संकाय की व्यवस्था की गयी है. मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के विद्यार्थियों को यहां प्रवेश दिया जायेगा.
पढ़ाई से लेकर भोजन तक मुफ्त
आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रहने, भोजन, कपड़े, किताब और दवाइयां भी मुफ्त उपलब्ध करायी जायेंगी. कुल सीटों में 75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए रखी गयी हैं. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा.
विद्यालय में विद्यार्थियों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग भी दी जायेगी. इससे स्कूली शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा.
38 जिलों में ऐसे विद्यालय खोलने की योजना
मंत्री मो. जमा खां ने कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों में ऐसे आवासीय विद्यालय स्थापित करने की योजना है. राज्य में 25 विद्यालयों का निर्माण पूरा हो चुका है. नालंदा छठा जिला है, जहां विद्यालय का विधिवत उद्घाटन हुआ है.
उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई कर विद्यालय, परिवार और राज्य का नाम रोशन करने की अपील की.
लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें विद्यार्थी : सांसद
सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि नालंदा सदियों से ज्ञान की भूमि रही है. विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर आईएएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनने का संकल्प लेना चाहिए.
