Nalanda Arwal Mid Day Meal : नालंदा के नूरसराय प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय परासी में मिड डे मील खाने के बाद 14 बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं, अरवल जिले के करीब 70 स्कूलों में बच्चों ने मिड डे मील खाने से इनकार कर दिया. दोनों घटनाओं के बाद संबंधित विभागों ने भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है.
सिविल सर्जन ने बताया कि सभी बच्चों ने खाना खाने के बाद पेट दर्द की शिकायत की थी. फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और किसी की हालत गंभीर नहीं है. बच्चों की चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें निगरानी में रखा गया.
नमक की जगह कुछ और डालने की बात
शुरुआती जानकारी के अनुसार, भोजन तैयार करने के दौरान नमक की जगह किसी अन्य पदार्थ के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में आखिर किस तरह की गड़बड़ी हुई थी.
मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम भी स्कूल पहुंची और जांच शुरू कर दी. स्कूल में तैयार भोजन, इस्तेमाल की गयी सामग्री और खाना बनाने की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है.
अरवल के 70 स्कूलों में बच्चों ने MDM खाने से किया इनकार
इधर, अरवल जिले में भी मध्याह्न भोजन को लेकर मामला सामने आया है. जिले के करीब 70 विद्यालयों में बच्चों ने MDM खाने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि इन स्कूलों में मानव मित्र एजेंसी के माध्यम से मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की जा रही थी.
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बच्चों के भोजन खाने से इनकार करने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है. संबंधित विद्यालयों में MDM की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गयी है. जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों को स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे खाने पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है.
