नूरसराय स्थित नालंदा उद्यान महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चौदह दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणधीर कुमार ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की छठी डीन समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आयोजित यह कार्यक्रम 20 अगस्त से 5 सितंबर तक चलेगा.
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षण, शोध, शिक्षा एवं प्रसार गतिविधियों के साथ-साथ कला-संस्कृति, खेलकूद और शैक्षणिक भ्रमण की जानकारी दी जाएगी.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य और अतिथियों की उपस्थिति
इसका मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं सामाजिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनमें रचनात्मक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित करना है.
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. सी. एस. आजाद, डॉ. रणवीर कुमार एवं डॉ. महेश कुमार के अलावा सह-प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार चौधरी, डॉ. एस. एस. सोलंकी, डॉ. सरदार सुनील सिंह तथा डॉ. विजय कुमार की उपस्थिति रही.
सकारात्मक सोच और अनुशासन पर विशेषज्ञों के विचार
इस अवसर पर डॉ. सी. एस. आजाद ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच विकसित करने, महाविद्यालय के वातावरण में स्वयं को ढालने, बुरी आदतों से दूर रहने और अनुशासित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा एवं क्षमता का निरंतर विकास करने का आह्वान किया. डॉ. रणवीर कुमार ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर प्रकाश डालते हुए उद्यानिकी शिक्षा की महत्ता बताई और इसे व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया.
उद्यानिकी में रोजगार के अवसर और रैगिंग-मुक्त परिसर
वहीं, डॉ. महेश कुमार ने उद्यानिकी क्षेत्र में बढ़ते रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए इसे उद्यमिता का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया. डॉ. संतोष कुमार चौधरी ने विद्यार्थियों से अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए छात्रावास एवं महाविद्यालय परिसर को पूरी तरह रैगिंग मुक्त रखने पर जोर दिया.
Also Read : फल्गु नदी में सालभर पानी लाने का ब्लूप्रिंट तैयार, दिल्ली में मीटिंग के बाद जल्द शुरू होगी उड़ाही
कार्यक्रम का संचालन और विद्यार्थियों की सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरती कुमारी, डॉ. विजय कुमार एवं डॉ. सरदार सुनील सिंह ने किया. इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी वैज्ञानिक, शिक्षक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और महाविद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना देखने को मिली.
