नालंदा : डीएम उदिता सिंह ने जनसुनवाई में सुनी 18 लोगों की शिकायतें, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

नालंदा जिलाधिकारी उदिता सिंह ने जन-सुनवाई में 18 लोगों की शिकायतें सुनीं. भूमि, परिसीमन, अतिक्रमण और बंटवारे जैसे मामलों पर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए.

Nalanda DM Public Hearing : आम लोगों की शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को लेकर नालंदा जिलाधिकारी उदिता सिंह ने बुधवार को आयोजित जन-सुनवाई में 18 फरियादियों की समस्याएं सुनीं. जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों ने भूमि, परिसीमन, अतिक्रमण और आपसी बंटवारे समेत अलग-अलग मामलों से संबंधित शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं.

डीएम ने प्रत्येक आवेदन की वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की तथा कई मामलों में तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया.

विवाह भवन के लिए भूमि चयन और परिसीमन की शिकायत

जन-सुनवाई में बेन और सिलाव प्रखंड में विवाह भवन निर्माण के लिए भूमि चयन से संबंधित मामले सामने आये. इसके अलावा नेरूत पंचायत के सदरपुर और गोविंदपुर गांव के परिसीमन से जुड़ी शिकायत भी फरियादियों ने रखी.

डीएम ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच कर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश जिला पंचायती राज पदाधिकारी को दिया.

अतिक्रमण और भाइयों के बंटवारे का मामला भी पहुंचा

जन-सुनवाई में अतिक्रमण हटाने से संबंधित शिकायत पर भी डीएम ने संज्ञान लिया. वहीं दो भाइयों के बीच आपसी बंटवारे को लेकर उत्पन्न विवाद की भी सुनवाई हुई.

जिलाधिकारी ने दोनों मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को दी.

लापरवाही पर चेतावनी और शिकायतों की नियमित समीक्षा

डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जन-शिकायत के निष्पादन में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका निष्पादन किया जाए. साथ ही, पात्र आवेदकों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया.

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जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को शिकायतों के निष्पादन की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को भी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपनी शिकायत के निष्पादन की स्थिति की जानकारी मिल सके. उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.


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By कंचन कुमार

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