नालंदा से राम विलास की रिपोर्ट
Nalanda ATM Fraud Steel Plate Gang Arrested News: नालंदा से बैंकिंग सुरक्षा विंग से एटीएम उपभोक्ताओं को सतर्क करने वाली एक बेहद अहम खबर सामने आई है. नालंदा पुलिस ने तकनीकी और जमीनी इनपुट के आधार पर एक ऐसे शातिर अंतर-जिला एटीएम ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो एटीएम मशीन के कैश डिस्पेंसर (जहां से पैसे निकलते हैं) में चुपके से स्टील प्लेट लगा देता था और उपभोक्ताओं के पैसे फंसने पर उन्हें उड़ा लेता था. इस मामले में पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है, जिन्होंने पटना और राजगीर समेत कई जिलों में अपना जाल फैलाने की बात स्वीकार की है.
मोहनपुर में पीड़ित के 3500 रुपये फंसने के बाद खुला पूरा मामला
नालंदा थाने और जांच टीम से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे हाई-टेक फ्रॉड का खुलासा 25 और 26 जून 2026 के बीच हुआ. मोहनपुर के रहने वाले पीड़ित चुन्नू कुमार स्थानीय मोहनपुर स्थित कैनरा बैंक के एटीएम से 3500 रुपये की निकासी करने पहुंचे थे. मशीन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके खाते से पैसे तो कट गए, लेकिन स्टील प्लेट लगे होने के कारण कैश बाहर नहीं आया. चुन्नू कुमार के बाहर निकलते ही कतार में पीछे खड़ा एक शातिर युवक अंदर गया और मशीन में फंसे हुए पैसे लेकर रफूचक्कर हो गया. पीड़ित ने बिना समय गंवाए तुरंत इस अजीबोगरीब घटना की सूचना नालंदा थाना पुलिस को दी.
पुलिस ने एएसआई के नेतृत्व में एटीएम की शुरू की रेकी
शिकायत दर्ज होते ही नालंदा थाने के एएसआई चंद्रभूषण पांडेय ने कैनरा बैंक के शाखा प्रबंधक और अन्य बैंक कर्मियों के साथ मिलकर मोहनपुर एटीएम काउंटर के आसपास सादे लिबास में निगरानी शुरू कर दी. 26 जून की शाम करीब 7 बजे पुलिस टीम को दो संदिग्ध युवक एटीएम के पास दिखाई दिए. रणनीति के तहत एक युवक हाथ में स्टील प्लेट लेकर एटीएम के केबिन में घुसा, जबकि उसका दूसरा साथी बाहर खड़े होकर पुलिस और आम लोगों की रेकी करने लगा. सही मौका देखते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और केबिन के अंदर मौजूद युवक को रंगे हाथ दबोच लिया, हालांकि उसका दूसरा साथी वहां से भागने में सफल रहा.
लोकेशन ट्रेस कर राजगीर से पकड़ा गया दूसरा साथी
पकड़े गए आरोपी की पहचान राहुल कुमार (उम्र 18 वर्ष, पिता बिरेंद्र प्रसाद, निवासी बढ़ौना, पकड़ियाबरवां, जिला नवादा) के रूप में हुई है. राहुल ने पुलिस की पूछताछ में अपने भागे हुए साथी का नाम और मोबाइल नंबर उगल दिया. नालंदा थाना पुलिस ने तुरंत उसका मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया और दूसरे विधि-विरुद्ध किशोर को राजगीर के कलाली मोड़ से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया.
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे बिहारशरीफ, राजगीर, नालंदा और राजधानी पटना के विभिन्न एटीएम काउंटरों को निशाना बनाते थे.
थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार और जांच अधिकारी विवेकानंद कुमार ने बताया कि बदमाशों के पास से 1400 रुपये नगद, अपराध में इस्तेमाल होने वाली एक स्टील प्लेट और दो मोबाइल बरामद किए गए हैं. नालंदा थाने में इस मामले को लेकर कांड संख्या 160/26 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 303(2), 317(2) और 3(5) के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि एटीएम से पैसे निकालते समय कैश डिस्पेंसर की जांच जरूर कर लें.
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