नालंदा में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ, शास्त्रीय संगीत, कथक और भरतनाट्यम का मिलेगा प्रशिक्षण

Nalanda Amrapali Training Centre : नालंदा जिले में कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया है. यह केंद्र शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वादन की शिक्षा प्रदान करेगा. बच्चों और युवाओं के लिए प्रतिभा निखारने का यह एक बेहतरीन अवसर है.

Nalanda Amrapali Training Centre : नालंदा जिले में कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल की गई है. बिहारशरीफ के सोहसराय में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया, जहां बच्चों और युवाओं को शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का हुआ शुभारंभ

कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, नालंदा का मंगलवार को विधिवत उद्घाटन किया गया. किसान कॉलेज रोड, आशानगर, सोहसराय स्थित अरावत पैलेस के समीप संचालित होने वाले इस केंद्र का उद्घाटन अपर समाहर्त्ता-सह-अपर दंडाधिकारी राजीव रंजन कुमार सिन्हा और अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच) रंजन कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से किया.

सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई शुरुआत

उद्घाटन समारोह की शुरुआत छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना से की. इसके बाद प्रशिक्षुओं ने स्वागत गान और सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया. विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की समृद्ध झलक प्रस्तुत की.

चार विधाओं में मिलेगा प्रशिक्षण

आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम, कथक तथा वादन (तबला एवं हारमोनियम) की चार प्रमुख विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रत्येक विधा में अधिकतम 40 विद्यार्थियों का नामांकन किया जाएगा. प्रवेश 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगा और प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष निर्धारित की गई है.

मंगलवार से रविवार तक संचालित होंगी कक्षाएं

प्रशिक्षण केंद्र सप्ताह में मंगलवार से रविवार तक संचालित रहेगा. पहला सत्र दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक और दूसरा सत्र शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित होगा. विभाग का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण सांस्कृतिक प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाना है.

कई प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित

उद्घाटन समारोह में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी शालिनी प्रकाश, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग स्नेहा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मनीष कुमार, जिला नियोजन पदाधिकारी आकिफ बक्कास, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह तथा वरीय उप समाहर्त्ता प्राची प्रिया सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने इस पहल को नालंदा की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.

Also Read : राजगीर के सूखते गर्मजल कुंडों पर बढ़ी चिंता, धरोहर बचाने के लिए रविवार को होगी महापंचायत


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kanchan kumar

कंचन कुमार वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उत्तराखंड से शुरुआत करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पटना, नवादा और बिहारशरीफ में विभिन्न मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर बिहारशरीफ कार्यालय में नालंदा जिला रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. जिला प्रशासन, खोजी एवं विशेष रिपोर्ट, जमीनी पड़ताल, विकास, जनसरोकार के मुद्दों तथा लोकसभा और विधानसभा चुनावों के गहन विश्लेषण के लिए उनकी विशेष पहचान है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >