Biharsharif Sadar Hospital ICU : नालंदा जिले के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. लंबे इंतजार के बाद सोमवार को मॉडल सदर अस्पताल में 8 बेड वाले अत्याधुनिक आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) एवं एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) वार्ड की शुरुआत हो गई. राहत की बात यह है कि अब चिकित्सकों को गंभीर मरीजों को इलाज के लिए पटना या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने की विवशता खत्म हो जाएगी.
सिविल सर्जन ने किया उद्घाटन
मौके पर इस आईसीयू वार्ड का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह, उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन एवं डीपीएम श्याम कुमार निर्मल ने संयुक्त रूप से किया. इस मौके पर डॉ. अंजय कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. इरफान अली, डॉ. नवीन कुमार, अस्पताल प्रबंधक मोहम्मद इमरान व एकाउंटेंट सुजीत कुमार समेत कई चिकित्सक और पारा मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे.
सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने कहा कि आईसीयू वार्ड खुलने से आकस्मिक एवं गंभीर मरीजों को अब हायर सेंटर नहीं भेजना पड़ेगा. विशेषकर गरीब तबके के मरीजों को इससे काफी राहत मिलेगी और निजी अस्पतालों में लाखों खर्च करने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा.
Nalanda News : सर्पदंश पीड़ित बनी पहली मरीज
वार्ड शुरू होने के पहले ही दिन हरनौत थाना क्षेत्र के पचौरा गांव की 13 वर्षीय छात्रा रिया कुमारी को पहली मरीज के रूप में भर्ती किया गया. परिजनों द्वारा उसे सर्पदंश के बाद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. फिलहाल, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कड़े निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति अब काफी बेहतर बताई जा रही है.
वार्ड में लगे अत्याधुनिक उपकरण
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि आईसीयू-एचडीयू वार्ड शुरू होने से सड़क दुर्घटना, सर्पदंश, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, गंभीर संक्रमण, सांस संबंधी बीमारी तथा अन्य क्रिटिकल मरीजों को जिले में ही बेहतर निगरानी और जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध होगा. वेंटिलेटर और मॉनिटर समेत सभी आधुनिक जीवनरक्षक उपकरण इस वार्ड में लगाए गए हैं.
समय पर इलाज से बचेगी जान
अब तक गंभीर मरीजों को पटना रेफर करने में लगने वाले ‘गोल्डन ऑवर’ में देरी होने से कई बार मरीजों की जान चली जाती थी. अब जिले में ही 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी.
अब समय पर सही इलाज शुरू होने से कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी और मरीजों की जेब पर भी आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा. यह सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.
Also Read : जलजमाव से जूझ रहा बेगूसराय का झमटिया प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई कराने को मजबूर शिक्षक
