Malmas Mela 2026 : (रामविलाश ) नालंदा जिला के राजगीर के गढ़ महादेव मंदिर परिसर में चल रहे आध्यात्मिक शिविर में श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला. मलमास मेला के दौरान आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सिमरिया सर्वमंगला विद्यापीठ के पीठाधीश्वर स्वामी चिदात्मन जी महाराज द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच मिथिला पंचांग का लोकार्पण किया गया.
वैदिक मंत्रों के बीच हुआ पंचांग का लोकार्पण
गढ़ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और धर्मप्रेमी मौजूद रहे. वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान के बीच मिथिला पंचांग का विधिवत लोकार्पण किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
फलाहारी बाबा ने बताया पंचांग का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि मिथिला पंचांग केवल तिथि और पर्वों का विवरण नहीं है, बल्कि यह भारतीय सनातन संस्कृति, ज्योतिषीय परंपरा और धार्मिक जीवन पद्धति का जीवंत दर्पण है. उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की आध्यात्मिक चेतना को जागृत रखने में पंचांग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने पर दिया जोर
फलाहारी बाबा ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने बताया कि मिथिला पंचांग भारतीय ज्ञान परंपरा और ऋषि-मुनियों की वैज्ञानिक सोच का प्रतीक है. साथ ही श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति के संरक्षण और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया.
शिविर में गूंज रहे वैदिक मंत्र और प्रवचन
आध्यात्मिक शिविर परिसर में लगातार भक्ति और अध्यात्म का माहौल बना हुआ है. यहां नियमित रूप से वैदिक मंत्रोच्चार, संतों के प्रवचन और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिविर में पहुंचकर आध्यात्मिक कार्यक्रमों का लाभ उठा रहे हैं.
