शेखपुरा जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत सिरारी थाना क्षेत्र के जयमंगला गांव में बिजली का करंट लगने से एक 45 वर्षीय किसान रणधीर कुमार की मौत हो गई. मृतक जयमंगला गांव निवासी अवधेश सिंह का पुत्र था. यह दुर्घटना उस समय घटी जब किसान अपने खेत में धान की रोपनी के लिए पानी भरकर उसकी जुताई करवा रहा था.
इसी क्रम में जब वह बोरिंग का मोटर चालू करने गया, तो बघार के विभिन्न बोरिंगों को जोड़ने वाले करंटयुक्त नंगे विद्युत तार की चपेट में आ गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही सिरारी थानाध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. मृतक अपने पीछे विधवा पत्नी के साथ-साथ एक पुत्र और एक पुत्री को रोता-बिलखता छोड़ गया है. इस अचानक हुई दुर्घटना से परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम पसर गया है.
विद्युत विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में विद्युत कंपनी के प्रति काफी रोष देखा जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत कंपनी ने गांव के खंधा में फसलों के पटवन के लिए बिजली के खंभे तो गाड़ दिए हैं, लेकिन विभाग द्वारा अब तक विद्युत तार उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. इसके कारण किसान इधर-उधर से तार खरीदकर अपने-अपने बोरिंग को चालू करने और फसलों का पटवन करने को विवश हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत कंपनी से कई बार बोरिंग तक बिजली का तार पहुंचाने की गुहार लगाई गई, लेकिन विभाग ने हमेशा किसानों की बातों को अनसुनी कर दिया.
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले दो साल के भीतर जयमंगला गांव में फसल पटवन के दौरान करंट लगने से यह तीसरी मौत है. इससे पहले गांव के ही वीरो सिंह के पुत्र शिवबालक सिंह तथा भवन सिंह के पुत्र कुंदन कुमार की भी इसी तरह करंट लगने से मौत हो चुकी है.
पुलिस कार्रवाई
इस बाबत सिरारी थानाध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि घटना के संबंध में परिजनों या ग्रामीणों की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
