Cyber Fraud: साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित को नालंदा पुलिस ने बड़ी राहत देते हुए ठगी की गयी 94 लाख 41 हजार 192 रुपये की राशि वापस करा दी है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम के लेन-देन का पता लगाया और संबंधित बैंक खातों में उपलब्ध राशि को रुकवाने के बाद पीड़ित के खाते में वापस कराया.
बैंकिंग और डिजिटल साक्ष्यों का किया गया विश्लेषण
साइबर थानाध्यक्ष ऋषभ आनंद ने बताया कि मामले के अनुसंधान के दौरान प्राप्त शिकायत और उपलब्ध बैंकिंग तथा डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया. इसके आधार पर ठगी की रकम के धन प्रवाह का अनुसरण करते हुए संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी का सत्यापन किया गया.
जांच में सामने आये खातों के संबंध में संबंधित बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से तत्काल समन्वय स्थापित किया गया. पुलिस की कार्रवाई के दौरान ठगी की राशि में से उपलब्ध रकम को संबंधित बैंक खातों में रोककर सुरक्षित कराया गया.
आवश्यक दस्तावेजों का किया गया सत्यापन
इसके बाद बैंकिंग विवरण, आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों का सत्यापन किया गया. सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 94 लाख 41 हजार 192 रुपये की राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गयी.
अनुसंधानकर्ता की रही महत्वपूर्ण भूमिका
साइबर थानाध्यक्ष ने बताया कि पूरी कार्रवाई में अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक अबू तालिब अंसारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने संबंधित बैंक अधिकारियों एवं अन्य संबंधित इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर ठगी की रकम को सुरक्षित कराने और पीड़ित को वापस दिलाने की कार्रवाई पूरी करने में अहम योगदान दिया.
साइबर ठगी की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील
पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध के कारण आर्थिक नुकसान झेल रहे पीड़ित को बड़ी राहत मिली है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी के मामलों में तत्काल पुलिस को सूचना देने और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की अपील की है.
