Biharsharif News : बिहारशरीफ के बिंद प्रखंड क्षेत्र के किसान इन दिनों संभावित सुखाड़ होने की आशंका से परेशान हैं. किसानों को धान की फसल बचाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है. धान के खेतों में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं और फसलें सूख रही हैं.
बिजली की आंख-मिचौली ने किसानों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं. क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि सात पंचायतों के 52 गांवों के किसान हर साल कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ जैसी आपदा से परेशान रहते हैं.
सूखी नदियों में उड़ रही धूल, गिरा भूगर्भीय जलस्तर
क्षेत्र के चारों ओर जीराईन, गोईठवा, सोइवा, कुम्हरी व नोनिया जैसी बरसाती नदियों का जाल बिछा है. भादो माह प्रवेश करने के बाद भी एक भी नदी में पानी नहीं आया है और नदियों में धूल उड़ रही है. नदी में पानी का बहाव नहीं होने से भूगर्भीय जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे किसान चिंतित हैं. पानी के अभाव में पशुपालकों को अपने पशुओं के जीवन रक्षा की चिंता सता रही है.
खेती साबित हो रही घाटे का सौदा, किसानों ने व्यक्त की चिंता
जमसारी गांव के किसान राजाराम, उमेश प्रसाद, भोला यादव, गाजीपुर के ब्रजेश कुमार, अनिल प्रसाद, संतोष प्रसाद, सतकपुर के धनंजय प्रसाद, करू प्रसाद, सरोज प्रसाद, बरहोग गांव के ओम प्रकाश, सत्येंद्र प्रसाद, राधे रमण प्रसाद, श्याम प्रसाद, संजय प्रसाद, गुड्डू प्रसाद व अन्य ने कहा कि किसानों के लिए खेती करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है.
समुचित व्यवस्था के अभाव में हर साल आर्थिक नुकसान
किसानों का कहना है कि सुखाड़ से निपटने की समुचित व्यवस्था का अभाव परेशानी का सबब बन गया है. बरसाती नदी में पानी नहीं होने से भूगर्भीय जलस्तर नीचे चला गया है. समुचित व्यवस्था के अभाव में किसानों को हर साल कमोवेश आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
कृषि फीडर में बिजली आपूर्ति बढ़ाने की उठाई मांग
किसानों ने प्रशासन और बिजली विभाग से कृषि फीडर में बिजली आपूर्ति का समय बढ़ाए जाने की मांग की है, ताकि सूख रही धान की फसल को सिंचाई कर बचाया जा सके.
