नालंदा : राजगीर में बिहार के 123 तैराकों ने दिखाया दम, राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ चयन ट्रायल

राजगीर के इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में 42वीं सब जूनियर एवं 52वीं जूनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता-2026 के लिए राज्य स्तरीय चयन परीक्षण आयोजित किया गया. इस बार पहली बार आधुनिक टच पैड तकनीक का उपयोग हुआ, जिसने परिणामों को सटीक और पारदर्शी बनाया. 123 युवा तैराकों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे.

नालंदा के राजगीर के इंटरनेशनल स्विमिंग पूल में बिहार के युवा तैराकों ने राष्ट्रीय मंच पर जगह बनाने के लिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. 42वीं सब जूनियर एवं 52वीं जूनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता-2026 के लिए आयोजित राज्य स्तरीय चयन परीक्षण में राज्यभर से पहुंचे 123 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया.

दो दिवसीय चयन परीक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 123 प्रतिभाशाली तैराकों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे.

पहली बार किया गया आधुनिक टच पैड तकनीक का उपयोग

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि चयन परीक्षण भारतीय तैराकी महासंघ के निर्देशन में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और बिहार तैराकी संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया.

उन्होंने कहा कि इस बार पहली बार राज्य स्तरीय ट्रायल में आधुनिक टच पैड तकनीक का उपयोग किया गया है. इससे प्रत्येक परिणाम पूरी तरह सटीक, निष्पक्ष और पारदर्शी रहा है. यह बिहार में तैराकी प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है.

उन्होंने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया भारतीय तैराकी महासंघ द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों और पात्रता नियमों के अनुरूप संपन्न कराई गई है. खिलाड़ियों ने अनुशासन, प्रतिस्पर्धात्मक भावना और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया है.

ट्रायल की निगरानी भारतीय तैराकी महासंघ द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक सुंदरेश एस. एवं मयंक कीर्तिभाई पटेल ने की. बिहार तैराकी संघ के 40 तकनीकी अधिकारियों ने निर्णायक की भूमिका निभाई, जबकि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने आयोजन की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं.

तकनीकी अधिकारियों के लिए आयोजित हुआ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम

महानिदेशक ने कहा कि भारतीय तैराकी महासंघ, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और बिहार तैराकी संघ की साझा प्रतिबद्धता का उद्देश्य राज्य में प्रतिस्पर्धी तैराकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना तथा खिलाड़ियों को निष्पक्ष एवं योग्यता आधारित अवसर उपलब्ध कराना है.

चयन परीक्षण के साथ-साथ तकनीकी अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है. 23 एवं 24 जुलाई को राज्य खेल अकादमी, राजगीर में भारतीय तैराकी महासंघ के सहयोग से दो दिवसीय आवासीय तकनीकी निर्णायक फाउंडेशन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया.

प्रशिक्षण का संचालन विशेषज्ञ सुंदरेश एस. और मयंक कीर्तिभाई पटेल ने किया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर की तैराकी प्रतियोगिताओं के संचालन, निर्णायक की जिम्मेदारियों, तकनीकी नियमों तथा आधुनिक कार्य-पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई.

खेल अवसंरचना का सशक्त उदाहरण बना राजगीर

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने आवास, भोजन, परिवहन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं.

महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण से राज्य में प्रशिक्षित तकनीकी अधिकारियों का मजबूत नेटवर्क विकसित होगा, जिससे भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के साथ-साथ बिहार के तैराकों के प्रदर्शन और खेल विकास को भी नई गति मिलेगी.

राजगीर में आयोजित यह आयोजन बिहार में तैराकी के बढ़ते स्तर और आधुनिक खेल अवसंरचना का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है.

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By Ramvilas prasad

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