नालंदा में अधिकारियों की कमी से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित, डीडीसी समेत कई अहम पद महीनों से रिक्त

Bihar Sharif News : नालंदा जिला प्रशासन इन दिनों महत्वपूर्ण अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। रिक्त पदों के कारण विकास योजनाओं की समीक्षा, जनसेवाओं और आपदा प्रबंधन पर गंभीर असर पड़ रहा है।

Bihar Sharif News : नालंदा जिला प्रशासन इन दिनों महत्वपूर्ण अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है. जिले में करीब आधा दर्जन जिलास्तरीय और आधा दर्जन से अधिक प्रखंडस्तरीय अधिकारियों के पद रिक्त हैं. बीते डेढ़ माह के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों का स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन उनके स्थान पर अब तक नए अधिकारियों की पदस्थापना नहीं होने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने लगे हैं.

डीडीसी, नगर आयुक्त और आपदा एडीएम समेत कई महत्वपूर्ण पद खाली

जिले में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता (आपदा), जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और निर्वाचन उप समाहर्ता जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी के बाद प्रशासनिक व्यवस्था संभालने वाले कई प्रमुख पद खाली होने से विकास योजनाओं की समीक्षा, प्रशासनिक समन्वय और जनसेवाओं के संचालन में कठिनाइयां बढ़ रही हैं.

ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी पर पड़ रहा असर

डीडीसी का पद रिक्त रहने से मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जीविका, स्वच्छ भारत मिशन सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की नियमित समीक्षा और अनुश्रवण प्रभावित हो रहा है. इसके साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) के कार्यों की निगरानी तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी इसका असर देखा जा रहा है.

नगर निगम के कार्यों की रफ्तार पर भी उठे सवाल

नगर आयुक्त का पद खाली होने से नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, नाला उड़ाही, जलनिकासी, कचरा प्रबंधन तथा स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. खासकर बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या से निपटने और शहरी सुविधाओं के बेहतर संचालन में नगर आयुक्त की भूमिका अहम मानी जाती है.

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आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों पर बढ़ी चिंता

मानसून के दौरान वज्रपात, बाढ़, आगजनी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की आशंका के बीच अपर समाहर्ता (आपदा) का पद रिक्त रहना भी चिंता का विषय बना हुआ है. इस पद पर तैनात अधिकारी राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय, आपदा नियंत्रण कक्ष के संचालन और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की जिम्मेदारी निभाते हैं.

जन शिकायतों के निस्तारण पर भी पड़ सकता है असर

जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का पद खाली रहने से आम नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन पर असर पड़ सकता है. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त शिकायतों की सुनवाई और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी इसी पद की होती है.

पंचायत चुनाव की तैयारियों पर भी मंडरा रहा असर

अगले कुछ महीनों में संभावित पंचायत चुनाव को देखते हुए निर्वाचन उप समाहर्ता का पद रिक्त होना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती माना जा रहा है. मतदाता सूची का पुनरीक्षण, मतदान केंद्रों की तैयारी, चुनाव कर्मियों का प्रशिक्षण और निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में इस पद की अहम भूमिका होती है. ऐसे में लंबे समय तक पद खाली रहने से चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है.

राज्य सरकार की नियुक्ति का इंतजार

विभागीय सूत्रों का कहना है कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर शीघ्र नियुक्ति नहीं होने से विकास कार्यों, जन शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. जिला स्थापना पदाधिकारी ने बताया कि अधिकारियों का पदस्थापन और क्षेत्र आवंटन पटना स्तर से किया जाता है. इसमें जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं होती. ऐसे में अब लोगों की नजर राज्य सरकार पर टिकी है कि इन महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों की तैनाती कब तक की जाती है.

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Author: Kanchan kumar

Published by: Yuvraj Ratan

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