लंबित मांगों की पूर्ति के लिए आशा ने निकाली रैली

मौके पर बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के जिला मंत्री पार्वती कुमारी ने बिहार सरकार के द्वारा आशा को देय पारितोषिक राशि को तिगुना करने का स्वागत किया.

बिहारशरीफ. बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ, जिला शाखा नालंदा के द्वारा मंगलवार को सदर अस्पताल में सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धन्यवाद सह मांग रैली आयोजित कर अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार, पटना को मांग-पत्र प्रेषित किया गया़ रैली की अध्यक्षता सोनी कुमारी ने की. मौके पर बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के जिला मंत्री पार्वती कुमारी ने बिहार सरकार के द्वारा आशा को देय पारितोषिक राशि को तिगुना करने का स्वागत किया. उन्होंने 12 अगस्त 2023 को विगत हड़ताल के दौरान हुए समझौते के अनुसार पारितोषिक राशि को मानदेय में परिवर्तित करते हुए बढ़ी हुई राशि का भुगतान 01 सितंबर 2023 से करने, बकाये राशि का एकमुश्त भुगतान मुख्यालय से करने, वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 के बकाये राज्यांश की राशि सहित 1000 रुपये के बकाये पारितोषिक राशि का अविलम्ब भुगतान करने आदि की मांग को पूरा करने का अनुरोध किया. बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला मंत्री संजय कुमार ने कहा कि पूरे भारत वर्ष में सबसे पहले आशा को बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के द्वारा संगठित किया गया. वर्ष 2007 में पटना छेको कार्यक्रम के तहत ऐतिहासिक संघर्ष का अंजाम दिया गया. फर्जी मुकदमा के तहत करीब 40 आदमी 36 दिन जेलों में बंद रहे, मुकदमा अभी भी चल रहा है. स्वास्थ्य कर्मियों ने लम्बी अनिश्चितकालीन हड़ताल की, वेतन कटवाया और तब जाकर आशा का संगठन पूरे भारत वर्ष में बना था़ उन्होंने आशा से छद्मवेशी राजनैतिक तिकड़मबाज नेताओं से सचेत रहने की अपील की़

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Published by: Amlesh prasad

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