School Sports Competition: वार्षिक विद्यालय खेल कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत जिले में जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी गयी है. बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना की ओर से जारी कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभागिता का अवसर मिलेगा. जिला खेल पदाधिकारी-सह-वरीय उप समाहर्त्ता, नालंदा की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यालयों के निबंधन और खिलाड़ियों की पात्रता से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
22 खेल विधाओं में होगी प्रतियोगिता
जिले के लिए निर्धारित खेलों में बालक और बालिका वर्ग के अंतर्गत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, ताइक्वांडो, कुश्ती, वुशु, कराटे, साइक्लिंग, योग, बॉक्सिंग, फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, हैंडबॉल, रग्बी, खो-खो, बास्केटबॉल, हॉकी, कबड्डी, सेपकटाकरा, टेबल टेनिस और शूटिंग सहित कुल 22 खेल विधाओं को शामिल किया गया है. प्रतियोगिता की तिथि और आयोजन स्थल की जानकारी अलग से जारी की जाएगी.
स्कूलों का निबंधन कराना आवश्यक
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड की छायाप्रति, सक्षम प्राधिकारी से निर्गत जन्म प्रमाण पत्र, पिछले वर्ष का अभिप्रमाणित अंक पत्र और विद्यालय की उपस्थिति पंजी की छायाप्रति जमा करनी होगी. आवेदन पत्र एवं संलग्न कागजात तीन प्रतियों में तैयार किए जाएंगे. विद्यालय प्रधान के हस्ताक्षर के बाद संबंधित विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक, नामित खेल शिक्षक अथवा प्रभारी खेल शिक्षक के माध्यम से आवेदन जिला खेल कार्यालय में जमा कराया जाएगा.
ओवरएज खिलाड़ियों की भागीदारी रोकने की जिम्मेदारी विद्यालय की
विभागीय निर्देश के अनुसार ओवरएज खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक लगाने की जिम्मेदारी विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक, खेल प्रभारी और प्रधानाध्यापक को दी गयी है. खिलाड़ियों की आयु की गणना 31 दिसंबर 2026 के आधार पर की जाएगी. अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के लिए निर्धारित पात्रता के अनुसार ही खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे.
आयु प्रमाण पत्र की होगी जांच
जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले निर्धारित प्रपत्र में आयु प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा. विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों के प्रमाण पत्रों की विस्तृत जांच की जाएगी. किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर संबंधित खिलाड़ी, विद्यालय प्रधान एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है.
विभाग ने सभी विद्यालयों से नियमों का पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निबंधन कराने की अपील की है.
