AI Voice Scam in Nalanda : नालंदा में साइबर ठग अब ठगी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. फर्जी प्रोफाइल, ओटीपी और लिंक के बाद अब जालसाजों ने एआई को भी ठगी का हथियार बना लिया है. दोस्त, रिश्तेदार और परिचित की आवाज की हूबहू नकल कर फोन किया जा रहा है और आपात स्थिति बताकर पैसे मांगे जा रहे हैं.
आवाज इतनी सटीक तरीके से नकल की जा रही है कि कई बार करीबी लोग भी असली और नकली आवाज में अंतर नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में केवल आवाज सुनकर भरोसा करना लोगों को भारी पड़ सकता है.
नालंदा में सामने आया ठगी के प्रयास का मामला
नालंदा में मंगलवार को इस तरह का मामला सामने आया. जिले के राकेश कुमार सचिवालय में वरीय अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. उनके व्हाट्सएप और सामाजिक माध्यमों के खातों से सैकड़ों लोगों के पास संदेश भेजे गए.
कुछ लोगों के मोबाइल पर राकेश कुमार के नंबर से उनकी आवाज में फोन भी आया और मदद के नाम पर 30 हजार रुपये मांगे गए.
मामला सामने आने के बाद लोगों में हड़कंप मच गया. कुछ दिन पहले नवनालंदा महाविहार के एक वरीय अधिकारी और हरनौत के एक पत्रकार के नाम पर भी इसी तरह ठगी का प्रयास किया गया था.
सोशल मीडिया से आवाज का नमूना लेकर तैयार करते हैं नकल
साइबर जालसाज सबसे पहले अपने निशाने पर लिए गए व्यक्ति के सामाजिक माध्यमों के खातों की पड़ताल करते हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत अन्य माध्यमों पर उपलब्ध वीडियो और ध्वनि से आवाज का नमूना लिया जाता है.
इसके बाद एआई आधारित आवाज नकल करने वाले उपकरण की मदद से संबंधित व्यक्ति की आवाज जैसी आवाज तैयार की जाती है.
इसके बाद उसके दोस्त, रिश्तेदार और परिचितों को उसी आवाज में फोन किया जाता है. फोन पर कभी दुर्घटना होने, अस्पताल में भर्ती होने, तत्काल पैसे की जरूरत पड़ने या किसी अन्य आपात स्थिति का हवाला देकर रकम भेजने को कहा जाता है.
पुलिस अधिकारियों की चेतावनी और सतर्क रहने की अपील
ऋषभ आनंद, पुलिस उपाधीक्षक, साइबर शाखा ने बताया कि ठगी के इस नए तरीके में अक्सर निकट संबंधी की आवाज में फोन किया जाता है. यह आवाज माता-पिता, दोस्त, बेटा या पोता समेत किसी भी करीबी व्यक्ति की हो सकती है.
ऐसी कॉल आने पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए. पहले संबंधित व्यक्ति से दूसरे माध्यम से संपर्क कर पुष्टि कर लें. यदि उससे संपर्क नहीं हो पा रहा हो, तो उसके आसपास के किसी व्यक्ति से बात कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें. बिना सत्यापन पैसे भेजने पर लोग आसानी से ठगी के शिकार हो सकते हैं.
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
अलग-अलग ऑनलाइन खातों के लिए अलग-अलग मजबूत कूटशब्द रखें. सामाजिक माध्यमों पर निजी वीडियो और ध्वनि को सार्वजनिक करने से बचें. परिचित की आवाज में अचानक पैसे मांगने वाला फोन आए, तो दूसरे नंबर या माध्यम से पुष्टि जरूर करें.
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फोन करने वाला कितना भी करीबी क्यों न हो, आपात स्थिति के नाम पर तत्काल पैसे स्थानांतरित न करें. पैसे भेजने से पहले लाभार्थी का नाम, मोबाइल नंबर और बैंक या डिजिटल भुगतान का विवरण दोबारा जांच लें. साइबर ठगी होने या पैसे स्थानांतरित हो जाने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें.
