शेखपुरा. शहर के बुधौली बाजार स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मैं चैतन्य देवी सरस्वती मां की झांकी सजाई सजाई गई. श्रद्धालुओं ने आकर पूजा व आरती करके प्रसाद ग्रहण किया. इसके साथ ही साथ सरस्वती पूजा के दिव्य संदेश को समझाया. ब्रह्माकुमारी पूजा बहन ने सबको तिलक लगाकर तथा भोग खिलाकर लोगों का स्वागत किया.ब्रह्माकुमारी राधिका बहन ने बताया कि यही समय है जब ज्ञान के सागर आकर सत्य ज्ञान के द्वारा हमें हंस सामान मोती चुगना सीखते हैं अर्थात गुणग्रही बनने की सीख दिया. मां सरस्वती का यह दिव्य स्वरुप हमें संदेश देता है की किस तरह हमें अपने मन बुद्धि को एकाग्र करके परमात्मा के सर्वगुणों और शक्तियों को जीवन में धारण करना है. वक्ताओं ने कहा ब्रह्माकुमारी में जीवन के सत्य रहस्य को समझने की कोशिश की जाती है. यहां आप सृष्टि परिवर्तन की इस बेला में अपना श्रेष्ठ भाग्य बना सकते हैं.माता सरस्वती जिन्हें हंस वाहिनी वीणापाणि तथा मां शारदा भवानी के नाम से जानते हैं. उनकी सवारी हंस पर इसलिए दिखाते हैं क्योंकि हंस दूध और पानी को अलग कर देता है. इसीलिए मां सरस्वती की सवारी हंस पर दिखाते हैं. साथ ही मोर को पवित्रता का पक्षी माना जाता है. इस कार्यक्रम में डॉक्टर रामाश्रय प्रसाद,डॉक्टर सुरेश प्रसाद,मुरलीधर मुरारी, शिक्षिका रिंकी बहन, रीता बहन, द्रोपदी बहन आदि उपस्थित थे.
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