बिहार में 60KM की रफ्तार से आएगी आंधी, 12 जिलों में ओला गिरने का ऑरेंज अलर्ट

Bihar Weather Alert: बिहार में मौसम इन दिनों तेजी से करवट बदल रहा है. जहां एक ओर तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर IMD ने राज्य में तेज आंधी, बारिश, बिजली और ओला गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है. खासकर 8 और 9 अप्रैल को मौसम का असर ज्यादा गंभीर रहने की संभावना जताई गई है.

Bihar Weather Alert: बिहार में चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच अब बादलों ने डेरा डाल लिया है. IMD ने राज्य के लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें अगले तीन से चार दिनों तक मौसम के विकराल रूप धारण करने की आशंका जताई गई है.

बिहार के आसमान में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश आपका रास्ता रोक सकती हैं. मंगलवार सुबह से ही पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में ठंडी हवाओं ने दस्तक दे दी है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है.

बदलते मौसम ने दी राहत

रविवार शाम से ही बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, बांका और जमुई जैसे इलाकों में तेज हवाएं चलीं और बादल छाए रहे. कई जगहों पर हल्की बारिश और आंधी-तूफान भी देखने को मिला. इस बदलाव के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली.

IMD के अनुसार आज मंगलवार को पूरे बिहार में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है. हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. सभी 38 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

12 जिलों में ओला गिरने का ऑरेंज अलर्ट

8 अप्रैल को मौसम का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है. उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया जिलों में ओला गिरने की संभावना है. इन 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 9 अप्रैल को भी अधिकांश जिलों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है.

इन इलाकों में न केवल भारी बारिश होगी, बल्कि बड़े आकार के ओले गिरने की भी संभावना है. ठनका का खतरा इतना अधिक है कि प्रशासन ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है.

क्यों बिगड़ रहा है मौसम?

अचानक आई इस तबाही भरी राहत के पीछे का वैज्ञानिक कारण ‘पश्चिमी विक्षोभ’ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठने वाली हवाओं ने बिहार के वायुमंडल में पर्याप्त अस्थिरता पैदा कर दी है.

चक्रवात के सक्रिय होने से नमी और गर्मी का जो मेल हुआ है, उसी का परिणाम यह आंधी-बारिश है. हालांकि इससे गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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