LPG Crisis: पटना में एलपीजी सप्लाई चेन को बुरी तरह बिखर गई है. आलम यह है कि महज छह दिनों के भीतर पटना में गैस का बैकलॉग 21 हजार से ज्यादा बढ़कर 1.63 लाख के पार पहुंच गया है.
आम लोगों के लिए स्थिति यह हो गई है कि जो सिलेंडर पहले बुकिंग के दो-तीन दिनों में मिल जाता था, उसके लिए अब 10 दिनों से ज्यादा का इंतजार करना पड़ रहा है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें प्रशासन की चुनौतियों को बयां कर रहे हैं.
एक्शन मोड में मुख्य सचिव
संकट की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की आपात बैठक बुलाई. मुख्य सचिव ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में निर्देश दिया है कि आमलोगों की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर हाल में इस बैकलॉग को खत्म करना होगा.
उन्होंने पीएनजी पाइपलाइन कार्यों की धीमी रफ्तार पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की और कहा कि यदि मिशन मोड में काम नहीं हुआ और लक्ष्य पूरे नहीं हुए, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. सरकार का स्पष्ट मानना है कि सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं को युद्ध के बहाने टाला नहीं जा सकता.
सरकार भविष्य के संकट से निपटने के लिए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शनों को बढ़ाने पर जोर दे रही है. इसके लिए आईटीआई के छात्रों और प्लंबरों को विशेष ट्रेनिग दिया जा रहा है ताकि पटना के हर घर तक पाइप से गैस पहुंचाई जा सके और सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो.
घरेलू सिलेंडर की चोरी पर केस दर्ज
एक तरफ आम जनता गैस के लिए परेशान है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल थम नहीं रहा है. प्रशासन ने सोमवार को पटना की 16 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें छह गैस एजेंसियां भी रडार पर रहीं. इस दौरान दो होटलों पर घरेलू सिलेंडर का अवैध उपयोग करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है.
अब तक की कार्रवाई में कुल 22 एफआईआर हो चुकी हैं और 121 सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं.
बुकिंग ज्यादा, सप्लाई कम
पटना में 1 अप्रैल को जहां गैस सिलेंडरों का बैकलॉग 1.42 लाख था, वहीं 6 अप्रैल तक यह बढ़कर 1.63 लाख पहुंच गया. इससे साफ है कि सप्लाई की रफ्तार मांग के मुकाबले काफी पीछे चल रही है. हालात ऐसे हैं कि गैस डिलीवरी का इंतजार अब 7 दिन से बढ़कर 10 दिन तक पहुंच गया है.
सोमवार को 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई, लेकिन सप्लाई बेहद सीमित रही. इंडियन ऑयल और एचपीसीएल से एक भी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी, जबकि बीपीसीएल से सिर्फ 6,736 सिलेंडर पहुंचे. आरा के गिद्धा बॉटलिंग प्लांट में साप्ताहिक अवकाश के कारण सप्लाई और प्रभावित हुई.
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