मिडिल ईस्ट में फंसे बिहार के मजदूरों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम, तुरंत मिलेगी मदद

Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात के बीच बिहार सरकार ने फंसे श्रमिकों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाकर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. इससे वे सीधे संपर्क कर सहायता ले सकेंगे.

Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच बिहार सरकार ने वहां फंसे अपने श्रमिकों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि जरूरतमंद श्रमिक सीधे सरकार से संपर्क कर सकें. यह निर्णय सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट बैठक में लिया गया.

कंट्रोल रूम सक्रिय, फोन और व्हाट्सऐप से मिलेगी मदद

श्रम संसाधन विभाग की ओर से बनाए गए इस कंट्रोल रूम का फोन नंबर 0612-2520053 और व्हाट्सऐप नंबर 7368855002 जारी किया गया है. यहां नोडल अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है. मिडिल ईस्ट या अन्य राज्यों में फंसे श्रमिक इन नंबरों पर संपर्क कर अपनी समस्या बता सकते हैं और सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

पीएनजी प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर सख्ती

बैठक में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई. तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल, भारत गैस, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, गेल और थिंक गैस को सख्त निर्देश दिए गए कि वे मिशन मोड में काम करें. चेतावनी दी गई कि लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

कई जिलों में लक्ष्य से पीछे कंपनियां

समीक्षा में सामने आया कि पटना और मुजफ्फरपुर जैसे कुछ जिलों को छोड़कर अधिकांश जगहों पर पीएनजी कनेक्शन देने की रफ्तार धीमी है. नोडल विभाग को निर्देश दिया गया है कि हर सप्ताह कंपनियों की प्रगति की निगरानी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें. प्रमंडलीय आयुक्तों को भी ठेकेदारों और मैनपावर की स्थिति की जांच करने को कहा गया है.

बैकलॉग और आपूर्ति पर भी हुई चर्चा

बैठक में अरवल, गया, कैमूर, रोहतास, सारण और पश्चिमी चंपारण में बैकलॉग की समस्या पर चर्चा हुई. बताया गया कि होटलों और उद्योगों की जरूरत का फिलहाल करीब 70 प्रतिशत ही गैस आपूर्ति हो पा रही है.

5 दिनों में 800 शिकायतें, कई सिलेंडर जब्त

सरकार द्वारा बनाए गए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में शिकायतों का लगातार निपटारा किया जा रहा है. पिछले पांच दिनों में करीब 800 शिकायतें दर्ज हुई हैं. इस दौरान 22,878 सघन निरीक्षण किए गए, जिसमें कई अवैध सिलेंडर जब्त किए गए और संबंधित मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज की गई.

सरकार का फोकस: सुरक्षा और सुविधा दोनों

बिहार सरकार एक ओर जहां विदेशों में फंसे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी है, वहीं राज्य के अंदर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दे रही है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मोर्चों पर सख्ती और सतर्कता के साथ काम किया जा रहा है.

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Published by: Abhinandan Pandey

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