बिहार में नियम तोड़ने वाली गाड़ियों के खिलाफ बढ़ी सख्ती, जिलों के लिए निर्देश जारी

Bihar Transport Department: बिहार परिवहन विभाग की ओर से सार्वजनिक बसों पर सख्ती बढ़ा दी गई है. लोगों के सफर को आरामदायक और आसान बनाने के लिए जिलों को निर्देश जारी किया गया है. साथ ही नियम तोड़ने वाली गाड़ियों की जब्ती का भी आदेश है.

पटना से प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट

Bihar Transport Department: परिवहन विभाग ने लोगों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए जिलों को निर्देश भेजा है. सभी डीटीओ को निर्देश दिया है कि अगर कोई भी छोटी-बड़ी गाड़ी परिवहन मानक का पालन नहीं करता है, तो उस गाड़ी को जब्त करें. विभाग का मानना है कि यात्री परिवहन सेवा में लोग सुरक्षित सफर करें, इस कारण से जरूरी है कि यात्री बस, ऑटो, मिनी बस, कार सभी अपने तय मानक के अनुसार सड़कों पर चले.

विभाग की तरफ से यह भी आदेश दिया गया है कि किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाए. विभाग ने जिलों में अभियान चलाकर गाड़ियों की फिटनेस, सुरक्षा नियमों की जांच और मानक के अनुसार गाड़ी नहीं रहने पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

अधिकांश बसों में इमरजेंसी डोर नहीं

विभागीय समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश बसों में इमरजेंसी डोर नहीं है. बसों में अगलगी की घटना, किसी आपदा के वक्त अचानक से यात्रियों को बस से बाहर निकलना पड़े, तो उन्हें खिड़की से कूदना पड़ेगा. इस कारण विभाग ने सभी बसों में इमरजेंसी डोर शुरू कराने का निर्देश दिया है.

साथ ही समीक्षा में यह भी पाया गया कि स्कूलों में चलने वाली गाड़ियों की स्थिति जर्जर है. इस वजह से ऐसी सभी गाड़ी की जांच करें और रिपोर्ट बनाकर जुर्माना करते हुए गाड़ी को जब्त किया जाए. इसके लिए सभी स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक करने का आदेश भी दिया गया है.

स्कूल बसों की कमियों पर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश

परिवहन विभाग के बार-बार निर्देश पर भी स्कूलों में चल रही गाड़ियों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. स्कूल में चल रही बस, ऑटो, वैन, मिनी बसों में मानक का ध्यान नहीं रखा जाता है. बच्चों की ओवरलोडिंग की जाती है. साथ ही किसी भी आपदा को लेकर कोई उपकरण नहीं है. जैसे आग बुझाने के लिए, चोट लगने पर तुरंत इलाज के लिए मेडिकल बॉक्स, इमरजेंसी डोर, पानी की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं नहीं हैं.

विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूल के प्रबंधन को गाड़ियों में मानक पूरा करने के संबंध में नोटिस करें. साथ ही गाड़ियों की जांच करते समय ध्यान देंगे कि गाड़ियों में बच्चे नहीं रहें, उस वक्त ही गाड़ियों की जांच की जाए. परिवहन विभाग ने कहा है कि फिटनेस फेल रहने वाली गाड़ियां सड़कों पर नहीं चलनी चाहिए. गाड़ियों का फिटनेस अपडेट रहना चाहिए. सभी यात्री गाड़ियों का फिटनेस पेपर की जांच नियमित की जाए.

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Published by: Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.
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